फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   एमएलसी चुनावों मेें बिखरने लगे पंचायत प्रतिनिधि

एमएलसी चुनावों मेें बिखरने लगे पंचायत प्रतिनिधि

Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
Jammu
Jammu Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
जम्मू/श्रीनगर। पंचायती संस्थानों को जरूरी अधिकार देने खासतौर से 73वें संशोधन को लागू करने को लेकर रियासत में आल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस के झंडे तले एकजुट नजर आ रहे पंच-सरपंच एमएलसी चुनाव को लेकर बिखरने लगे हैं। पंचों-सरपंचों का एक गुट चुनाव के हक में आया है, जबकि आल जेएंडके पंचायत कांफ्रेंस के मुख्य संरक्षक शफीक मीर ने गठबंधन सरकार पर पंचों-सरपंचों को बांटने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। जम्मू कश्मीर पंच-सरपंच यूनाइटेड फोरम ने बुधवार को श्रीनगर में एमलएसी चुनाव के
विज्ञापन

लिए खुर्शीद अहमद, एजाज अहमद, एडवोकेट गुलाम हसन और अशफाक हुसेन को चार विधान परिषद की सीटों पर खड़े करने का एलान किया। प्रधान एजाज अहमद ने पत्रकारों को बताया कि पंचों और सरपंचों के हक की लड़ाई के लिए फोरम सामने आया है। उन्होंने कहा कि उनके पक्ष में अभी कोई राजनीतिक पार्टी सामने नहीं आई। ये पार्टियां नहीं चाहती कि पंच-सरपंच एमएलसी बनें। इसलिए फोरम ने स्वयं अपने बलबूते पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। जम्मू कश्मीर पंचायत एसोसिएशन के नाम से एक अन्य संगठन ने भी एमएलसी चुनाव में हिस्सा लेने का एलान किया है। संगठन के प्रवक्ता खुर्शीद अहमद मलिक के अनुसार चुनाव का बहिष्कार करने से पंचों और सरपंचों के मसले का हल नहीं होगा। सभी पंचों और सरपंचों को एक साथ लेकर चलने का दावा करने वाली एजेकेपीसी के चेयरमैन शफीक मीर का कहना है कि सरकार ने पंचों-सरपंचों को विभाजित करने की साजिश रची है। कांफ्रेंस की 31 सदस्य हाई पावर कमेटी का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। सरकार 73वें संशोधन से ध्यान हटाने को चुनाव करा रही है। कांफ्रेंस लोकतंत्र में पूरा भरोसा रखती है, किसी भी सरपंच-पंच को चुनाव में हिस्सा लेने से नहीं रोकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed