जम्मू-कश्मीर: उज्ज बहुउद्देशीय परियोजना की लागत 2741 करोड़ रुपये बढ़ी, फंडिंग के लिए मांगी गई राज्य सरकार की सहमति
केंद्र के निर्देश पर मुख्य सचिव ने संशोधित लागत संबंधी सहमति पत्र 15 दिन में भेजने का आश्वासन दिया है।
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उज्ज बहुउद्देशीय परियोजना की लागत 2741 करोड़ रुपये बढ़ गई है। अब प्रोजेक्ट पर 11908 करोड़ रुपये खर्च आएगा। पहले इसकी लागत 9167 करोड़ रुपये थी। प्रोजेक्ट की नब्बे प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार और 10 फीसदी राज्य सरकार करती है। इसलिए संशोधित लागत को मंजूरी देने से पहले केंद्र सरकार को राज्य सरकार की सहमति चाहिए। केंद्र सरकार ने फंडिंग के लिए राज्य सरकार से सहमति देने को कहा है।
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केंद्र सरकार ने झेलम नदी बाढ़ प्रबंधन दूसरे चरण को दो माह में मंजूरी प्रदान करने की घोषणा की है। गृृह मंत्रालय ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर और पंजाब सरकार के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर प्रधानमंत्री विकास पैकेज के कार्यों की समीक्षा की। गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि शाहपुर कंडी प्रोजेक्ट की सिंचाई क्षमता 53927 हेक्टेयर भूमि की है। इससे सांबा और कठुआ जिले की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकता है।
बताया गया कि रावी कैनाल के किनारे जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी होते ही पंजाब सरकार को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। प्रोजेक्ट के लिए 192 कनाल जमीन अधिग्रहीत की जानी है। इसमें से केवल पांच प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण शेष है। जमीन को निर्माण संस्था को सौंप दिया गया है। जमीन के छोटे टुकड़े को न सौंपे जाने से कार्य शुरू नहीं हो सका है।
15 दिन में मुआवजे की राशि होगी तय
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने बताया कि अगले 15 दिन में मुआवजे की राशि का निर्धारण कर पंजाब सरकार को इसकी सूचना दे दी जाएगी। पंजाब सरकार के प्रतिनिधि ने बताया कि शाहपुर कंडी जलाशय में पानी होने के कारण लखनपुर-बसोहली रोड का एक हिस्सा समाहित हो गया है। मुख्य सचिव ने जलशक्ति विभाग के प्रशासनिक सचिव को निर्देश दिए कि सड़क को या तो रिएलाइन किया जाए या फिर वैकल्पिक पुल व सड़क परियोजना तैयार की जाए ताकि पंजाब सरकार की ओर से जलाशय का काम 2023 की प्रथम तिमाही में पूरा किया जा सके। परियोजना में सड़क को लेकर कोई अड़चन नहीं होनी चाहिए।