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पर्यटकों की बाट जोह रहा है पत्नीटाप
ब्यूरो, अमर उजाला/उधमपुर
Updated Tue, 13 Dec 2016 12:43 AM IST
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पत्नीटाप का मैदान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मौसम के बेरुखी कहें, या पिछले लंबे समय तक कश्मीर के खराब हालता का असर। या फिर नोटबंदी का साइड इफैक्ट। कारण जो भी हो, पर मशहूर पर्यटन स्थल पत्नीटाप में अब तक वीरानी जैसे हालात हैं। दिसंबर का बारह दिन बीत गया, लेकिन पर्यटकों का आगमन न के बराबर है। इससे पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों की पेशानी पर बल पड़ने लगा है। पत्नीटाप डेवलपमेंट अथारिटी के अधिकारी के मुताबिक पर्यटन उद्योग पर नोटबंद का कोई असर नहीं है।
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अमूमन हर साल दिसंबर माह की शुरुआत होते ही उधमपुर से तीस किलोमीटर दूर स्थित मशहूर पर्यटन स्थल पत्नीटाप पर्यटकों से गुलजार हो जाता रहा। लेकिन अब तक इस साल पर्यटकों का रुझान पत्नीटाप की ओर नहीं हुआ है। यहां के होटलों में एडवांस बुकिंग काफी होती थी, लेकिन इस बार सैलानियों में वह उत्साह नहीं देखा जा रहा है।
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दिसंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी हो जाने से पत्नीटाप के होटल कारोबारियों की उम्मीदें बढ़ जाती रही हैं। लेकिन इस बार बर्फबारी नहीं होने से शायद पर्यटकों का आगमन नहीं हो रहा है। यहां का सपाट मैदान पर्यटकों की बाट जोह रहा है। जबकि कई सैलानी कई दिन तक यहां के होटलों में ठहरते हैं और बर्फबारी का इंतजार करते हैं।
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बर्फ की सफेद चादरों पर अठखेलियां करते हैं, लेकिन अब तक इन मनमोहक नजारों का दीदार नहीं हो पाया है। इससे यहां के होटल व्यवसायी के अलावा फोटोग्राफरों और यहां के दुकानदारों को काफी नुकसान होने का अंदेशा है। सबको बर्फबारी और पर्यटकों का इंतजार है।
पत्नीटाप मेें पर्यटकों का आगमन मौसम मिजाज पर निर्भर करता है। अगर दिसंबर माह की शुरुआत में बारिश के साथ बर्फबारी हो जाती है तो दूसरे दिन ही पर्यटकों का तांता यहां लग जाता है। लेकिन अगर समय रहते बर्फबारी नहीं होती है तो पर्यटक पत्नीटाप का रुख कम करते हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अब तक पर्यटकों की संख्या निराशाजनक है।
-राकेश सरेंगयाल, सीईओ, पत्नीटाप डेवलपमेंट अथारिटी
कश्मीर के खराब हालात का भी पड़ा असर
जानकारों की मानें तो पिछले कई माह तक कश्मीर के हालता खराब का असर भी पड़ रहा है। कश्मीर की ओर जाने वाले सैलानी जाते समय या कश्मीर से वापस लौटते समय पत्नीटाप में जरूर रुकते हैं, लेकिन इस बार पर्यटक कश्मीर की ओर रुख भी कम कर रहे हैं। इसका सीधा असर पत्नीटाप पर्यटन स्थल पर भी देखने को मिल रहा है।