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मीट मार्केट के दुकानदारों ने घर घर से गंदगी उठाने वाले कर्मचारियों पर लगाया आरोप
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उधमपुर: मीट मार्केट के दुकानदार अपनी बात रखते हुए.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। मीट मार्केट के दुकानदारों ने घर घर से गंदगी उठाने वाले कर्मचारियों पर पैसे लेकर काम न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी पैसा लेने हर महीने पहुंच जाते हैं, लेकिन दुकानों से गंदगी को उठाने कभी कभार ही आते हैं।
सोमवार दोपहर को मीट मार्केट के दुकानदारों ने एकजुट होकर गंदगी न उठाए जाने पर नगर परिषद व कर्मचारियों के प्रति रोष प्रकट किया। उन्होंने बताया कि नप के आदेश के बाद घर घर से गंदगी उठाने वाले कर्मचारियों ने सभी दुकानदारों से पैसा वसूलना शुरू किया है। बदले में हर रोज कचरा उठाने का भरोसा दिया है। लेकिन, मीट मार्केट में कभी कभार ही कचरा उठाने के लिए कर्मचारियों का वाहन पहुंच रहा है।
दुकानदारों ने कहा कि उनसे कर्मचारी हर महीने दो सौ रुपये एक दुकान का शुल्क वसूलते हैं। नियमानुसार उन्हें गंदगी जमा करने के लिए कूड़ेदान भी देने थे, लेकिन आज तक उनको कूड़ेदान नहीं दिए गए। वे सुबह कूड़ा मजबूरी में साथ में मौजूद डंपिंग स्टेशन में फेंकते हैं। इससे उनकी दुकानों के आसपास ही गंदगी मौजूद रहती है।
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उनका कहना है कि अगर उनसे पैसा पूरा वसूला जा रहा है, तो कर्मचारियों को कूड़ा उठाने के लिए भी रोज पहुंचना चाहिए। आज सभी एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं, और नगर परिषद के अधिकारियों से मांग कर रहे हैं कि कंपनी के कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएं कि मीट मार्केट से गंदगी उठाने के लिए हर रोज वाहन भेजा जाए।
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सोमवार दोपहर को मीट मार्केट के दुकानदारों ने एकजुट होकर गंदगी न उठाए जाने पर नगर परिषद व कर्मचारियों के प्रति रोष प्रकट किया। उन्होंने बताया कि नप के आदेश के बाद घर घर से गंदगी उठाने वाले कर्मचारियों ने सभी दुकानदारों से पैसा वसूलना शुरू किया है। बदले में हर रोज कचरा उठाने का भरोसा दिया है। लेकिन, मीट मार्केट में कभी कभार ही कचरा उठाने के लिए कर्मचारियों का वाहन पहुंच रहा है।
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दुकानदारों ने कहा कि उनसे कर्मचारी हर महीने दो सौ रुपये एक दुकान का शुल्क वसूलते हैं। नियमानुसार उन्हें गंदगी जमा करने के लिए कूड़ेदान भी देने थे, लेकिन आज तक उनको कूड़ेदान नहीं दिए गए। वे सुबह कूड़ा मजबूरी में साथ में मौजूद डंपिंग स्टेशन में फेंकते हैं। इससे उनकी दुकानों के आसपास ही गंदगी मौजूद रहती है।
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उनका कहना है कि अगर उनसे पैसा पूरा वसूला जा रहा है, तो कर्मचारियों को कूड़ा उठाने के लिए भी रोज पहुंचना चाहिए। आज सभी एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं, और नगर परिषद के अधिकारियों से मांग कर रहे हैं कि कंपनी के कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएं कि मीट मार्केट से गंदगी उठाने के लिए हर रोज वाहन भेजा जाए।