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प्रशिक्षण कार्यक्रम में खानापूरी करने पर भड़के पंच व सरपंच
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रामनगर के टाउन हॉल में आयोजित प्रश्षिण कार्यक्रम का बहिष्कार कर प्रदर्शन करते पंच-सरपंच
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर/रामनगर। रामनगर के पंचों और सरपंचों ने टाउन हॉल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का बहिष्कार किया। साथ ही इसका संचालन कर रही कंपनी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने संबंधित कंपनी पर प्रशिक्षण के नाम पर बेवकूफ बनाने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से पूरे कार्यक्रम की जांच कराने की मांग की। पंचों-सरपंचों ने कहा सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने के लिए करोड़ों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराया है। जबकि, संबंधित कंपनी खानापूर्ति कर इस कार्यक्रम को पूरी तरह विफल कर रही है। साथ ही संबंधित निर्देशों की अनदेखी कर दो दिन की ट्रेनिंग को दो घंटे के कार्यक्रम में निपटाकर बेवकूफ बना रही है।
कघोट-बी पंचायत के सरपंच सुनील कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण देने वाली कंपनी अब तक दो बार उन्हें बेवकूफ बना चुकी है। एक बार पहले भी पंचों और सरपंचों के लिए दो दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन संबंधित कंपनी ने इसे चंद घंटों में निपटाकर उनके दो दिन के प्रशिक्षण प्राप्त करने के हस्ताक्षर करा लिए थे। अब दूसरी बार भी खानापूर्ति की गई है।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में न तो कोई प्रशिक्षक पहुंचा है, और न ही कोई संबंधित अधिकारी। बीडीओ रामनगर को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, लेकिन वीरवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम से वह भी गायब रहे। मात्र एक साधारण सा प्रोजेक्टर लगाकर पंचों-सरपंचों को उसके आगे बैठा दिया गया था। जबकि, प्रतिभागियों के किसी भी सवाल या शंका का जवाब देने के लिए प्रशिक्षक नहीं था।
उन्होंने कहा कि सभी पंच सरपंच अपना जरूरी काम छोड़कर प्रशिक्षण लेने के लिए यहां एकत्रित हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशिक्षण प्राप्त करने से उन्हें अपनी पंचायतों के विकास कार्यों को और भी बेहतर तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी। लेकिन, यहां प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति देखकर उन्हें निराशा हुई है। किसी भी प्रकार की कोई जरूरी जानकारी उन्हें यहां से नहीं मिल पाई है, और न ही विकास कार्यों को बेहतर तरीके से कराने के तौर तरीकों से संबंधित किसी शंका या सवाल का जवाब मिल पाया है। जिसके कारण उन्हें मजबूर होकर प्रदर्शन करना पड़ा। अगर, जल्द ही इस पूरे मामले की जांच नहीं की गई तो वे सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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उन्होंने संबंधित कंपनी पर प्रशिक्षण के नाम पर बेवकूफ बनाने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से पूरे कार्यक्रम की जांच कराने की मांग की। पंचों-सरपंचों ने कहा सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने के लिए करोड़ों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराया है। जबकि, संबंधित कंपनी खानापूर्ति कर इस कार्यक्रम को पूरी तरह विफल कर रही है। साथ ही संबंधित निर्देशों की अनदेखी कर दो दिन की ट्रेनिंग को दो घंटे के कार्यक्रम में निपटाकर बेवकूफ बना रही है।
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कघोट-बी पंचायत के सरपंच सुनील कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण देने वाली कंपनी अब तक दो बार उन्हें बेवकूफ बना चुकी है। एक बार पहले भी पंचों और सरपंचों के लिए दो दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन संबंधित कंपनी ने इसे चंद घंटों में निपटाकर उनके दो दिन के प्रशिक्षण प्राप्त करने के हस्ताक्षर करा लिए थे। अब दूसरी बार भी खानापूर्ति की गई है।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में न तो कोई प्रशिक्षक पहुंचा है, और न ही कोई संबंधित अधिकारी। बीडीओ रामनगर को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, लेकिन वीरवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम से वह भी गायब रहे। मात्र एक साधारण सा प्रोजेक्टर लगाकर पंचों-सरपंचों को उसके आगे बैठा दिया गया था। जबकि, प्रतिभागियों के किसी भी सवाल या शंका का जवाब देने के लिए प्रशिक्षक नहीं था।
उन्होंने कहा कि सभी पंच सरपंच अपना जरूरी काम छोड़कर प्रशिक्षण लेने के लिए यहां एकत्रित हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशिक्षण प्राप्त करने से उन्हें अपनी पंचायतों के विकास कार्यों को और भी बेहतर तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी। लेकिन, यहां प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति देखकर उन्हें निराशा हुई है। किसी भी प्रकार की कोई जरूरी जानकारी उन्हें यहां से नहीं मिल पाई है, और न ही विकास कार्यों को बेहतर तरीके से कराने के तौर तरीकों से संबंधित किसी शंका या सवाल का जवाब मिल पाया है। जिसके कारण उन्हें मजबूर होकर प्रदर्शन करना पड़ा। अगर, जल्द ही इस पूरे मामले की जांच नहीं की गई तो वे सड़कों पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे।