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500 और 1000 का नोट बंद होने पर मची अफरातफरी
ब्यूरो/ उधमपुर/चिनैनी/रामबन
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:37 AM IST
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एक हजार के नकली नाेट
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए पांच सौ व हजार के नोट बंद करने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक युवक के साथ के लोगों ने घरेलू गैस सिलेंडर के एवज में 500 रुपये का नोट न लेने पर गैस एजेंसी के बाहर धार रोड जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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बुधवार सुबह दस बजे के करीब एक नवविवाहित युवक ने पांच सौ का नोट देने पर घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलने पर धार रोड जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी युवक वरुण भगत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक ही रात में अपना फैसला तो सुना दिया। लेकिन उन्होंने इस बात की परवाह बिलकुल नहीं की। दूसरे दिन पांच सौ व हजार का नोट बंद होने पर लोगों को कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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उसने कहा कि अभी बीते कल ही उसकी शादी हुई है। कई लोगों व रिश्तेदारों को भोजन के लिए आमंत्रित किया गया। लेकिन सुबह जैसे ही वह सिलेंडर लेने के लिए गैस एजेंसी में आता है तो पांच सौ का नोट देने पर उसे गैस सिलेंडर देने के लिए मना कर दिया जाता है। उसने कहा कि यह उसके अकेले की बात नहीं हैं। एकदम ले लिए गए प्रधानमंत्री के फैसले का खामियाजा उसे ही नहीं पूरे देश के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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एक रात में पांच सौ व हजार के नोट को कबाड़ करार दे दिया जाता है। एक मध्यवर्गीय परिवार का सदस्य अगर कुछ लेने के लिए बाजार में जाता है तो पांच सौ का नोट दिखाने पर ही उसे सामान देने के लिए मना कर दिया जाता है। वहीं मार्ग जाम होने व अफरा तफरी की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस व गैस एजेंसी के लोगों ने युवक को गैस सिलेंडर देकर शांत करवाया।
चिनैनी, रामबन आदि इलाकों में भी पांच सौ व एक हजार के नोट बंद होने से अफरातफरी का ही माहौल रहा। कई लोगों ने सरकार के इस फैसले को सराहा और कहा कि इन इन नोटों के बंद होने से कालाधन रखने वालों पर लगाम लगेगी। बुधवार सुबह से शाम तक इस पर लोग चर्चा करते रहे। बाजार में सामान खरीदने के लिए पहुंचे लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। दुकानदारों का कहना था कि सरकार ने नोट बंद कर दिया है ऐसे में वे 500-1000 के नोट कैसे लेें।
वहीं रियासी में 500 और 1000 के नोट बंद होने पर भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित नजर आए। मंडल प्रधान धीरज गुप्ता, मंडल मीडिया सचिव विशाल बडू, उपप्रधान अंकुश नरगोत्रा, करण देव सिंह, शहरी प्रधान सुरिंदर शर्मा आदि ने प्रधानमंत्री के इस कड़े फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे आतंकियों को होने वाली फंडिंग और भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलेगी।