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शहर के सभी विकास कार्यों को 5 मार्च तक पूरा करने के निर्देश
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उधमपुर: मुंसिपल काउंसिल में आज जनरल हाउस की मीटिंग की गई.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। नगर परिषद कार्यालय में शुक्रवार को हुई जनरल हाउस की बैठक में निर्णय लिया गया है कि आईडीएमटी और जिला योजना के तहत मंजूर सभी विकास कार्य 5 मार्च से पहले पूरे करने होंगे। इसको लेकर ठेकेदारों को नोटिस और पीडब्ल्यूडी को निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही पूरे शहर को जल्द हाई मास्ट लाइटों से रौशन किया जाएगा।
बैठक का आयोजन नगर परिषद प्रधान डॉ. जोगेश्वर गुप्ता की अध्यक्षता में हुआ। इसमें उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा सहित सभी पार्षदों ने हिस्सा लिया। बैठक में सबसे पहले आईडीएमटी और जिला योजना के तहत मंजूर विकास कार्यों पर चर्चा हुई। तय किया गया कि 31 मार्च से पहले सभी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य है। लेकिन, पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ठेकेदार ने पहले ही कई परियोजनाओं को संभाल रखा है। इसलिए, वह नप के कार्यों को गंभीरता से नहीं ले रहा। नप ने 17 ठेकेदारों को नोटिस भी जारी कर दिया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को निर्देश दिए हैं कि 5 मार्च से पहले हर हाल में सभी कार्य पूरे किए जाएं। बैठक में दूसरी चर्चा हाई मास्ट को लेकर की गई। अध्यक्ष ने बताया कि शहर के लिए पहले 50 हाई मास्ट लाइटें मंगाई गई थीं, और वार्ड के हिसाब से बांटी गई थीं। कुछ दिन पहले 50 और लाइटें मंगाई गई हैं। इनको भी जल्द काम में लाया जाएगा। इसके बाद 60 लाइटों का आदेश और दे दिया है।
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इसके अलावा अध्यक्ष ने बताया का शहर में घरों और व्यवसायिक स्थानों का सर्वे लगभग पूरा कर लिया गया है। अब तक 10003 घरों और 2473 दुकानों व अन्य व्यवसायिक स्थानों की पहचान हो चुकी है। बैठक में लिए सभी निर्णयों पर जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा।
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सफाई कर्मचारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश
बैठक में विशेष तौर पर घरों से गंदगी उठाने वाली कंपनी के कार्य पर चर्चा की गई। अध्यक्ष ने बताया कि कचरा उठाने वाली कंपनी के काम से शहरवासी संतुष्ट नहीं है। हर रोज शिकायतें मिल रही हैं। कई स्थानों पर पांच दिन में एक बार कचरा उठाया जाता है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था खराब हो रही है। इसको ध्यान में रखते हुए कंपनी को निर्देश दिया गया कि जल्द कार्यप्रणाली में सुधार करे। क्योंकि, अगर सफाई कर्मचारी समय पर कचरा नहीं उठाएंगे तो शहरवासी इनको पैसा नहीं देंगे।
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बैठक का आयोजन नगर परिषद प्रधान डॉ. जोगेश्वर गुप्ता की अध्यक्षता में हुआ। इसमें उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा सहित सभी पार्षदों ने हिस्सा लिया। बैठक में सबसे पहले आईडीएमटी और जिला योजना के तहत मंजूर विकास कार्यों पर चर्चा हुई। तय किया गया कि 31 मार्च से पहले सभी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य है। लेकिन, पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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ठेकेदार ने पहले ही कई परियोजनाओं को संभाल रखा है। इसलिए, वह नप के कार्यों को गंभीरता से नहीं ले रहा। नप ने 17 ठेकेदारों को नोटिस भी जारी कर दिया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को निर्देश दिए हैं कि 5 मार्च से पहले हर हाल में सभी कार्य पूरे किए जाएं। बैठक में दूसरी चर्चा हाई मास्ट को लेकर की गई। अध्यक्ष ने बताया कि शहर के लिए पहले 50 हाई मास्ट लाइटें मंगाई गई थीं, और वार्ड के हिसाब से बांटी गई थीं। कुछ दिन पहले 50 और लाइटें मंगाई गई हैं। इनको भी जल्द काम में लाया जाएगा। इसके बाद 60 लाइटों का आदेश और दे दिया है।
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इसके अलावा अध्यक्ष ने बताया का शहर में घरों और व्यवसायिक स्थानों का सर्वे लगभग पूरा कर लिया गया है। अब तक 10003 घरों और 2473 दुकानों व अन्य व्यवसायिक स्थानों की पहचान हो चुकी है। बैठक में लिए सभी निर्णयों पर जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा।
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सफाई कर्मचारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश
बैठक में विशेष तौर पर घरों से गंदगी उठाने वाली कंपनी के कार्य पर चर्चा की गई। अध्यक्ष ने बताया कि कचरा उठाने वाली कंपनी के काम से शहरवासी संतुष्ट नहीं है। हर रोज शिकायतें मिल रही हैं। कई स्थानों पर पांच दिन में एक बार कचरा उठाया जाता है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था खराब हो रही है। इसको ध्यान में रखते हुए कंपनी को निर्देश दिया गया कि जल्द कार्यप्रणाली में सुधार करे। क्योंकि, अगर सफाई कर्मचारी समय पर कचरा नहीं उठाएंगे तो शहरवासी इनको पैसा नहीं देंगे।