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गांव से शहर को जोड़ने वाली सड़कें खस्ताहाल
ब्यूरो/ रियासी
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:37 PM IST
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चंपावत की खस्ताहाल सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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किसी भी गामीण क्षेत्र से जिला मुख्यालय की तरफ आने वाली ज्यादातर सड़कों की स्थिति खस्ताहाल हो गई है। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार भले ही ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लाख दावे करे, लेकिन जब शहर से गांव को जोड़ने वाले मार्ग वाहनों के चलने लायक ही नहीं होंगे, तो विकास की बयार कैसे बहेगी।
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कटड़ा से जिला मुख्यालय आने वाली सड़क ग्रामीण क्षेत्र भागा सिरला के अलावा सुला से शार्टकट वाला मार्ग बेहद खराब हालत में है। वाया बारादरी से रियासी तक आने वाला मार्ग भी गड्ढों से भरा पड़ा है। वर्ष 2014 में हुई भारी बारिश के बाद जीरोमोड़ तलवाड़ा कांसीपट्टा टालीमोड् से गुजरने वाली सड़क को आज तक ठीक नहीं किया गया है।
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पहाड़ी से गिरी मिट्टी के मलबे तथा पत्थरों को पूरी तरह साफ नहीं किए जाने से इस मार्ग से किसी प्रकार के भी वाहन का गुजरना मुश्किल हो जाता है। मौसम के साफ होने पर वाहन चालकों को गर्द-ओ-गुबार के बीच से गुजरना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र माहौर से वाया ध्यानगढ़ हो या फिर वाया सलाल खराब सड़क लोगो के सफर को मुश्किल बना देती है।
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ऐसे में लोग हिचकोले खाते हुए जिला मुख्यालय तक पहुंचते हैं। सड़को की खस्ताहाल स्थिति को लेकर लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन मुनीर हुसैन का कहना है कि कई सड़कों का काम फंड की कमी होने के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है। कई सड़कों का काम लोगों द्वारा कोर्ट में केस दर्ज करवाए जाने से रुका हुआ है। माहौर रियासी सड़क मार्ग को बनाने का काम ग्रेफ के पास है।