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कई विस्थापित कश्मीरी पंडितों ने थामा अपनी पार्टी का दामन

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Many displaced Kashmiri Pandits joined their party
उधमपुर। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) के महासचिव विजय बाकाय के निर्देशन में विस्थापित कश्मीरी पंडितों की समस्याओं को सुनने व सदस्यता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विस्थापित कश्मीरी पंडितों के नवनियुक्त प्रदेश संयोजक विनोद पंडिता और संजय धर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विस्थापित कश्मीरी पंडितों अशोक कुमार भट, अनिल बाली, गिरधारी लाल, रोमेश कौल, अनिल पंडिता, जोगिंदर सिंह आदि ने पार्टी की सदस्यता हासिल की।
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बैठक प्रदेश संयोजक ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को दोहराते हुए पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य दर्जा बहाल नहीं होता, तब तक जेकेएपी का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने निर्वासित कश्मीरी पंडितों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान पार्टी की प्राथमिकता है। उन्होंने कश्मीरी पंडितों से आगे आने और पार्टी को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह एकमात्र ऐसी पार्टी है जो सच्चाई, पारदर्शिता और ईमानदारी की राजनीति करती है। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों के कल्याण के लिए पार्टी द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं से पार्टी की जनहित नीतियों और कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक ले जाने और लोगों को इसके बारे में जागरूक करने का आग्रह किया।
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उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की है कि वे कश्मीर में कार्यरत व रह रहे विस्थापित कश्मीरी पंडितों के मद्दों को हल करें। सदस्यों से अपील की कि वे पार्टी को मजबूत करने के लिए जिले में सदस्यता अभियान चलाएं। अशोक कुमार भट और अश्वनी कुमार भट ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को अपनी पार्टी के दूरदर्शी कार्यक्रमों और नीतियों के बारे में जागरूक करना था। इसमें विस्थापित कश्मीरी पंडितों की वास्तविक समस्याओं को भी उजागर किया गया। विशेषतौर पर कश्मीरी पंडितों की राहत राशि को 13 हजार से बढ़ाकर 25 हजार प्रति माह करने, पंजाब की तर्ज पर प्रति परिवार के लिए एक सरकारी नौकरी, सम्मान और गरिमा के साथ घाटी में कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास, बुजुर्गों, युवाओं और बेरोजगारों के लिए छोटी ऋण योजनाएं शुरू करने की मांग उठाई गई है। बैठक में हंस राज डोगरा, नासिर वानी, सतपाल चलोत्रा, केवल कृष्ण, विशाल ज्योतिष, इंद्रजीत रैना, कुलदीप भट आदि उपस्थित रहे।
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