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अब मीर में हुआ भूस्खलन, ग्रामीणों में दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला, उध्ामपुर/पंचैरी
Updated Sun, 08 Feb 2015 01:37 AM IST
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पिछले साल सितंबर में पंचैरी के सद्दल गांव में हुए दिल दहला देने वाले भयानक भूस्खलन के सदमे से लोग अभी पूरी तरह से उबर भी नहीं पाए हैं कि शुक्रवार रात को पंचैरी ब्लाक की ही मीर पंचायत में फिर हुए भूस्खलन नेे लोगों को एक बार फिर खौफजदा कर दिया है। इस ताजे भूस्खलन से छह परिवार बाल-बाल बच गए।
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जानकारी के मुताबिक हलका भूस्खलन शुरू होते ही लोग फौरन घरों से बाहर निकल कर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पडे़। अपने माल-मवेशियों को भी खोल कर खुले सुरक्षित स्थानों की ओर ले गए।
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सुबह होते-होते उनकी जमीन और घर इस भूस्खलन की चपेट में आकर तबाह हो गए। धीमी गति से भूस्खलन शनिवार को भी दिनभर जारी रहा। घटना की सूचना पाते ही मौके पर तुरंत पुलिस दल थाना प्रभारी संजय अबरोल की देखरेख में मौके पर पहुंचा और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करवाने का काम किया।
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हालांकि इस हादसे में अभी तक जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन शुक्रवार रात से लगातार जारी इस भूस्खलन के चलते लोगों की जमीन पूरी बर्बाद हो गई है। पीड़ित परिवारों को उनके सामान व माल मवेेशियों सहित तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर अपने रिश्तेदारों आदि के पास भेज दिया गया है।
मौसम साफ रहने के बावजूद भूस्खलन धीमी गति से जारी है, जिससे आसपास के क्षेत्र को भी हानि होने की आशंका बन गई है।
गौरतलब है कि सितंबर 2014 में सद्दल गांव में हुए भूस्खलन ने पूरे गांव के साथ 40 लोगों की जिंदगियों को लील लिया था। उस दौरान भी मीर गांव के इस हिस्से में हलका भूस्खलन हुआ था। उसे लोगों ने सामान्य मान कर इस ज्यादा गौर नहीं किया। लेकिन शुक्रवार रात से जारी भूस्खलन ने गांव और आसपास के लोगों को डरा दिया है।
नहीं पहुंचा कोई प्रशासनिक अधिकारी
इस ताजे भूस्खलन की सूचना मिलने के बावजूद मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदारों के पास आसपास के गांवों में पहुंच गए हैं। खुले आसमान के नीचे पीड़ित परिवारों का सामान और माल-मवेशी पड़े हैं। प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीणों में रोष है।