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Udhampur News: धर्मनगरी में दिनदहाड़े खूनी रंजिश में बदली गुटबाजी, युवक पर किया जानलेवा हमला
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कटड़ा। धर्मनगरी में कानून व्यवस्था दांव पर है। नीले और काले रंग के ऑटो रिक्शा चालकों के बीच लंबे समय से चल रही गुटबाजी अब खूनी संघर्ष में बदल गई है। वीरवार को पैंथाल रोड पर स्थित वेटरनरी अस्पताल के समीप ऑटो चालक पर जानलेवा हमला हो गया। दिनदहाड़े वारदात से लोगों में खौफ बढ़ गया।
नोमाई निवासी 24 वर्षीय परवेज पर बदमाश ने उस समय हमला किया जब वह काम पर था। बताया जा रहा है कि हमलावर काले रंग के ऑटो रिक्शा (जेके14-4781) में आया था। हमले के बाद घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है।
लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले भी आधा दर्जन हमलावरों ने युवक पर हमला किया था। पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है।
राकेश शर्मा, शब्बीर अहमद, मोहन लाल और अंकित का कहना है कि कटड़ा में लंबे समय से नीले और काले ऑटो रिक्शा चालकों के बीच गुटबाजी चल रही है जिसके चलते आए दिन झगड़े और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुछ ऑटो चालक नियमों को ताक पर रखकर मनमानी कर रहे हैं और प्रशासन की कार्रवाई न होने से हौसले बुलंद हो चुके हैं। ये ऑटो जगह-जगह खड़े रहते हैं जिन्हें कोई भी रोकने की हिम्मत नहीं करता जिस कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। हालात इस कदर खराब है कि एक किलोमीटर के दायरे में कम से कम 20 जगह ऑटो स्टैंड हैं।
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बिना परमिट दौड़ रहे वाहन
विवाद का एक बड़ा कारण निजी नंबर प्लेट (सफेद प्लेट) की मारुति वैनों का व्यावसायिक उपयोग होना भी है। नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को ढोने वाली ये गाड़ियां अक्सर ऑटो चालकों के साथ झगड़े का कारण बनती हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध वाहनों और गुटबाजी करने वाले चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
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नोमाई निवासी 24 वर्षीय परवेज पर बदमाश ने उस समय हमला किया जब वह काम पर था। बताया जा रहा है कि हमलावर काले रंग के ऑटो रिक्शा (जेके14-4781) में आया था। हमले के बाद घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है।
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लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले भी आधा दर्जन हमलावरों ने युवक पर हमला किया था। पुलिस अब तक आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है।
राकेश शर्मा, शब्बीर अहमद, मोहन लाल और अंकित का कहना है कि कटड़ा में लंबे समय से नीले और काले ऑटो रिक्शा चालकों के बीच गुटबाजी चल रही है जिसके चलते आए दिन झगड़े और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुछ ऑटो चालक नियमों को ताक पर रखकर मनमानी कर रहे हैं और प्रशासन की कार्रवाई न होने से हौसले बुलंद हो चुके हैं। ये ऑटो जगह-जगह खड़े रहते हैं जिन्हें कोई भी रोकने की हिम्मत नहीं करता जिस कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। हालात इस कदर खराब है कि एक किलोमीटर के दायरे में कम से कम 20 जगह ऑटो स्टैंड हैं।
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विवाद का एक बड़ा कारण निजी नंबर प्लेट (सफेद प्लेट) की मारुति वैनों का व्यावसायिक उपयोग होना भी है। नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को ढोने वाली ये गाड़ियां अक्सर ऑटो चालकों के साथ झगड़े का कारण बनती हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध वाहनों और गुटबाजी करने वाले चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।