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Udhampur News: किश्तवाड़ से गोवंश पशुओं के बाहरी जिलों में परिवहन पर लगी रोक
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किश्तवाड़। किश्तवाड़ जिले से किसी भी अन्य जिले में गाय, बैल, भैंस, बछड़े सहित अन्य गोवंश पशुओं के परिवहन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। जिला मजिस्ट्रेट किश्तवाड़ पंकज कुमार शर्मा ने जिले में गोवंश पशुओं की अवैध तस्करी और गैरकानूनी परिवहन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से आदेश जारी किया है।
आदेश में कहा गया है कि प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ तत्व कानून का उल्लंघन करते हुए गोवंश पशुओं को चोरी-छिपे जिले से बाहर ले जा रहे हैं। विशेष रूप से ठाठरी–किश्तवाड़–छात्रू–सिंथन मार्ग को ऐसे अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने इसे न केवल कानूनी उल्लंघन बल्कि शांति, सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी संभावित खतरा बताया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के किश्तवाड़ जिले से किसी भी गोवंश पशु को बाहर ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एसएसपी किश्तवाड़, सभी एसडीपीओ, थाना प्रभारी तथा पुलिस चौकी प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस को नियमित निरीक्षण कर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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हालांकि आदेश में कुछ छूट भी दी गई है। सरकारी विभागों और एजेंसियों द्वारा आधिकारिक कार्यों के लिए पशुओं के आवागमन, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा अपने गांव या आसपास के क्षेत्रों में कृषि एवं चराई संबंधी कार्यों के लिए पशुओं को ले जाने तथा घुमंतू समुदायों द्वारा मौसमी प्रवास के दौरान पशुओं के आवागमन को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो महीनों तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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आदेश में कहा गया है कि प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ तत्व कानून का उल्लंघन करते हुए गोवंश पशुओं को चोरी-छिपे जिले से बाहर ले जा रहे हैं। विशेष रूप से ठाठरी–किश्तवाड़–छात्रू–सिंथन मार्ग को ऐसे अवैध परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने इसे न केवल कानूनी उल्लंघन बल्कि शांति, सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी संभावित खतरा बताया है।
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जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के किश्तवाड़ जिले से किसी भी गोवंश पशु को बाहर ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एसएसपी किश्तवाड़, सभी एसडीपीओ, थाना प्रभारी तथा पुलिस चौकी प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस को नियमित निरीक्षण कर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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हालांकि आदेश में कुछ छूट भी दी गई है। सरकारी विभागों और एजेंसियों द्वारा आधिकारिक कार्यों के लिए पशुओं के आवागमन, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा अपने गांव या आसपास के क्षेत्रों में कृषि एवं चराई संबंधी कार्यों के लिए पशुओं को ले जाने तथा घुमंतू समुदायों द्वारा मौसमी प्रवास के दौरान पशुओं के आवागमन को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो महीनों तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।