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Udhampur News: शिक्षकों के तबादलों को लेकर पैंथर्स पार्टी का प्रदर्शन
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उधमपुर। शिक्षा विभाग की तबादला नीति के विरोध में नेशनल पैंथर्स पार्टी कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिले में वार्षिक तबादला प्रक्रिया लागू नहीं की जा रही। इससे ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो रही है इसका सीधा असर दूर-दराज व ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल के छात्रों पर पड़ रहा है।
शिक्षकों के तबादलों और अटैचमेंट को लेकर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पार्टी अध्यक्ष हर्षदेव सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के अधिकांश जिलों में वार्षिक ट्रांसफर ड्राइव होती है लेकिन जम्मू और उधमपुर जिलों को इससे बाहर रखा जाता है। उनका आरोप था कि निर्धारित नीति के बजाय अटैचमेंट और तबादले किए जा रहे हैं, जिससे कई ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। इसके चलते कई सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बिना आवश्यकता के तबादले किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि सभी तबादले पारदर्शी तरीके से, स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता और छात्र संख्या को ध्यान में रखकर किए जाएं।
उन्होंने कहा कि यदि ट्रांसफर नीति और सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ है तो इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से भी मामले की जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार जम्मू और उधमपुर में भी नियमित सालाना तबादला प्रक्रिया लागू करने, ग्रामीण स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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शिक्षकों के तबादलों और अटैचमेंट को लेकर शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पार्टी अध्यक्ष हर्षदेव सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के अधिकांश जिलों में वार्षिक ट्रांसफर ड्राइव होती है लेकिन जम्मू और उधमपुर जिलों को इससे बाहर रखा जाता है। उनका आरोप था कि निर्धारित नीति के बजाय अटैचमेंट और तबादले किए जा रहे हैं, जिससे कई ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। इसके चलते कई सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बिना आवश्यकता के तबादले किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि सभी तबादले पारदर्शी तरीके से, स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता और छात्र संख्या को ध्यान में रखकर किए जाएं।
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उन्होंने कहा कि यदि ट्रांसफर नीति और सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ है तो इसकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से भी मामले की जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार जम्मू और उधमपुर में भी नियमित सालाना तबादला प्रक्रिया लागू करने, ग्रामीण स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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