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Udhampur News: श्रमिकों के लिए हाल का निर्माण हो, पेंशन बढ़ाई जाए
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उधमपुर। मजदूर दस्तकार यूनियन की मासिक बैठक वीरवार को जिला प्रधान दर्शन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में श्रमिकों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। यूनियन ने श्रमिकों के लिए सामुदायिक हाल के निर्माण, वृद्ध मजदूरों के लिए पेंशन तथा बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में बढ़ोतरी की मांग उठाई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान दर्शन कुमार ने कहा कि वर्तमान में यूनियन की बैठकें खुले में और सड़कों पर आयोजित करनी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि यूनियन को एक कनाल भूमि उपलब्ध हो चुकी है। अब श्रम आयुक्त और राज्यपाल से मांग है कि जल्द से जल्द एक सामुदायिक हाल का निर्माण कराया जाए ताकि गरीब और जरूरतमंद मजदूर अपने सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रम, विशेषकर बेटियों के विवाह समारोह वहां आयोजित कर सकें। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पेंशन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष तक के मजदूरों को शामिल किया गया है, लेकिन 60 वर्ष से अधिक आयु के मजदूरों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने मांग की कि 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके मजदूरों को कम से कम 5,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए, ताकि वृद्धावस्था में जब वे मजदूरी करने में सक्षम न रहें, तब वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें। दर्शन कुमार ने मजदूरों की बेटियों के विवाह के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पहले सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी, उस समय सोने की कीमत लगभग 28 हजार रुपये प्रति तोला थी। वर्तमान में सोने के दाम करीब डेढ़ लाख रुपये प्रति तोला पहुंच चुके हैं, इसलिए महंगाई को देखते हुए विवाह सहायता राशि बढ़ाकर कम से कम एक लाख रुपये की जानी चाहिए। बैठक में यूनियन के उपाध्यक्ष बंसी लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे।
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बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रधान दर्शन कुमार ने कहा कि वर्तमान में यूनियन की बैठकें खुले में और सड़कों पर आयोजित करनी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि यूनियन को एक कनाल भूमि उपलब्ध हो चुकी है। अब श्रम आयुक्त और राज्यपाल से मांग है कि जल्द से जल्द एक सामुदायिक हाल का निर्माण कराया जाए ताकि गरीब और जरूरतमंद मजदूर अपने सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रम, विशेषकर बेटियों के विवाह समारोह वहां आयोजित कर सकें। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पेंशन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष तक के मजदूरों को शामिल किया गया है, लेकिन 60 वर्ष से अधिक आयु के मजदूरों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने मांग की कि 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके मजदूरों को कम से कम 5,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए, ताकि वृद्धावस्था में जब वे मजदूरी करने में सक्षम न रहें, तब वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें। दर्शन कुमार ने मजदूरों की बेटियों के विवाह के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पहले सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी, उस समय सोने की कीमत लगभग 28 हजार रुपये प्रति तोला थी। वर्तमान में सोने के दाम करीब डेढ़ लाख रुपये प्रति तोला पहुंच चुके हैं, इसलिए महंगाई को देखते हुए विवाह सहायता राशि बढ़ाकर कम से कम एक लाख रुपये की जानी चाहिए। बैठक में यूनियन के उपाध्यक्ष बंसी लाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित रहे।
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