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Udhampur News: पौनी के डिग्री कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए नल से पानी की सुविधा नहीं
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पौनी। कस्बे में स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज का निर्माण हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक कॉलेज में विद्यार्थियों को नल से पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसके चलते छात्र-छात्राओं को रोजाना पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
कॉलेज की छात्राओं मनीषा शर्मा, डिंपल वर्मा, रूबी शर्मा और सोनाली वर्मा ने बताया कि वे प्रतिदिन घर से कॉलेज आते समय अपने साथ पानी की बोतल लेकर आती हैं। पूरे दिन उसी आधा लीटर पानी से गुजारा करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर कॉलेज की भव्य इमारत तो बना दी, लेकिन विद्यार्थियों के लिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई। उनका कहना है कि जब तक कॉलेज में स्थायी जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं होती, तब तक प्रशासन को प्रतिदिन पानी का टैंकर उपलब्ध कराना चाहिए।
कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर दविंदर कुमार ने बताया कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए संबंधित उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई होगी।
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कोट
कॉलेज में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेज दी है। कॉलेज के समीप स्थित नाले के पानी को फिल्टर कर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। इसके अलावा बिना फिल्ट्रेशन के सीधे जल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए करीब आठ लाख रुपये की अलग डीपीआर भी भेजी गई है। जैसे ही किसी एक प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-तनवीर, जूनियर इंजीनियर, जल जीवन मिशन
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कॉलेज की छात्राओं मनीषा शर्मा, डिंपल वर्मा, रूबी शर्मा और सोनाली वर्मा ने बताया कि वे प्रतिदिन घर से कॉलेज आते समय अपने साथ पानी की बोतल लेकर आती हैं। पूरे दिन उसी आधा लीटर पानी से गुजारा करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर कॉलेज की भव्य इमारत तो बना दी, लेकिन विद्यार्थियों के लिए पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई। उनका कहना है कि जब तक कॉलेज में स्थायी जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं होती, तब तक प्रशासन को प्रतिदिन पानी का टैंकर उपलब्ध कराना चाहिए।
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कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर दविंदर कुमार ने बताया कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए संबंधित उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई होगी।
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कोट
कॉलेज में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेज दी है। कॉलेज के समीप स्थित नाले के पानी को फिल्टर कर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। इसके अलावा बिना फिल्ट्रेशन के सीधे जल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए करीब आठ लाख रुपये की अलग डीपीआर भी भेजी गई है। जैसे ही किसी एक प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-तनवीर, जूनियर इंजीनियर, जल जीवन मिशन