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Udhampur News: जिला के 1427 सरकारी स्कूलों में से 123 के पास अपनी इमारत नहीं
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स्कूल के बाहर बैठकर पढ़ाई करते बच्चे।
- फोटो : udhampur news
उधमपुर। सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों को घर द्वार पर शिक्षा सुविधा मुहैया करवाने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जिले में 1427 सरकारी स्कूलो में से 123 के पास अपनी इमारत नहीं है, वह किराये के भवनों में चल रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा पंचैरी, उधमपुर, डुडु और चिनैनी जोन के स्कूल शामिल हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जमीन नहीं होने के कारण यह समस्या आ रही है।
बिना इमारत के स्कूल जिले के दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्रों में बदहाल इमारतों में चल रहे हैं। जहां पर बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान नहीं हैं। सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
सुविधाएं न मिलने से बच्चों के अभिभावक परेशान
सरकारी स्कूलों में सुविधाओं का अभाव है जिस कारण अभिभावक निजी स्कूलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके लिए चाहे उन्हें कितना भी खर्चा करना पड़े। जिन स्कूलों की अपनी इमारतें ही नहीं होंगी तो वहां बच्चों के विकास के लिए उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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इस संदर्भ में सीईओ कमल किशोर बडयाल का कहना है कि विभाग की ओर से लगातार जो स्कूल बिना इमारत के चल रहे हैं, उसके लिए जगह का चयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही स्कूल की इमारतें बनाने के लिए जमीन मिलेगी। आने वाले वित्त वर्ष में स्कूलों की इमारतों का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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बिना इमारत के स्कूल जिले के दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्रों में बदहाल इमारतों में चल रहे हैं। जहां पर बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान नहीं हैं। सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
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सुविधाएं न मिलने से बच्चों के अभिभावक परेशान
सरकारी स्कूलों में सुविधाओं का अभाव है जिस कारण अभिभावक निजी स्कूलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके लिए चाहे उन्हें कितना भी खर्चा करना पड़े। जिन स्कूलों की अपनी इमारतें ही नहीं होंगी तो वहां बच्चों के विकास के लिए उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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इस संदर्भ में सीईओ कमल किशोर बडयाल का कहना है कि विभाग की ओर से लगातार जो स्कूल बिना इमारत के चल रहे हैं, उसके लिए जगह का चयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही स्कूल की इमारतें बनाने के लिए जमीन मिलेगी। आने वाले वित्त वर्ष में स्कूलों की इमारतों का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।