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Udhampur News: ऐतिहासिक काली माता मंदिर में माथा टेकने के बाद लोग आगे बढ़ते हैं
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चिनैनी। चिनैनी के छपड़ी काली माता मंदिर में जहां हर वर्ष जेष्ठ पूर्णिमा पर मेले का आयोजन होता है, वहीं, नवरात्र में भी माता के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता लगता है।
छपड़ी काली माता मंदिर के सदस्य तथा पूर्व सरपंच सुदेश चंद्र ने बताया कि काली माता मंदिर ऐतिहासिक मंदिर है। यहां माथा टेकने के बाद ही श्रद्धालु आगे बढ़ते हैं।
उन्होंने कहा कि जब चिनैनी से लाटी सड़क बनाई जा रही थी तो उस समय भी छपड़ी गांव से आगे सड़क नहीं बनाई जाती थी। इसमें कई तरह की दिक्कतें आती थीं। मशीन इस गांव से आगे सड़क नहीं बना पा रही थी। स्थानीय लोगों ने संबंधित एजेंसी को बताया कि यहां पर माता काली का स्थान है और जहां माथा टेकने के बाद ही कार्य सफल होगा। इसके बाद संबंधित एजेंसी ने माथा टेका। इसके बाद ही सड़क बन पाई।
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छपड़ी काली माता मंदिर के सदस्य तथा पूर्व सरपंच सुदेश चंद्र ने बताया कि काली माता मंदिर ऐतिहासिक मंदिर है। यहां माथा टेकने के बाद ही श्रद्धालु आगे बढ़ते हैं।
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उन्होंने कहा कि जब चिनैनी से लाटी सड़क बनाई जा रही थी तो उस समय भी छपड़ी गांव से आगे सड़क नहीं बनाई जाती थी। इसमें कई तरह की दिक्कतें आती थीं। मशीन इस गांव से आगे सड़क नहीं बना पा रही थी। स्थानीय लोगों ने संबंधित एजेंसी को बताया कि यहां पर माता काली का स्थान है और जहां माथा टेकने के बाद ही कार्य सफल होगा। इसके बाद संबंधित एजेंसी ने माथा टेका। इसके बाद ही सड़क बन पाई।
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