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Udhampur News: फिटनेस शुल्क में बढ़ोतरी पर भड़के ट्रांसपोर्टर, चक्का जाम की चेतावनी
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उधमपुर। यात्री वाहनों की फिटनेस के नाम पर ऑनलाइन शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर चालकों व ट्रांसपोटर्स में काफी रोष देखने को मिल रहा है। इसके चलते फैसले को जल्द से जल्द रद्द न किए जाने पर अगले सप्ताह चक्का जाम करने का ऐलान किया गया है।
यह जानकारी शुक्रवार को मेटाडोर यूनियन के अध्यक्ष दर्शन सिंह ने जिले के विभिन्न वाहन चालकों के साथ मिलकर साझा की। सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता ने वोट देकर सरकार का चयन किया ताकि आम आदमी से जुड़े मसलों का जल्द समाधान हो सके, लेकिन पिछले एक साल में ट्रांसपोर्टर्स को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कभी टोकन टैक्स में बढ़ोतरी कर दी जाती है तो कभी वाहनों के बीमा शुल्क में। अब हद तो तब हो गई जब फिटनेस के नाम पर आनलाइन 5 हजार से 22 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। छोटे और बड़े वाहनों के लिए निर्धारित शुल्क होना चाहिए।
सिंह ने कहा कि फिटनेस शुल्क में बढ़ोतरी की पुष्टि को लेकर जब विभाग या अन्य अधिकारियों से लिखित आदेश की कापी मांगी जाती है तो उनके पास कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं है। खासकर इस फैसले को लेकर न ही परिवहन मंत्री, आयुक्त सचिव या फिर एआरटीओ की ओर से अधिकारिक रूप से कोई पुष्टि की गई है।
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सिंह ने बताया कि करोना काल में पहले ही ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से डूब चुका था जो अब तक उबर नहीं पाया है। उस पर हर दूसरे या तीसरे महीने वाहनों के दस्तावेज या अन्य संबंधित शुल्कों में बढ़ोतरी करके निजी परिवहन उद्योग को पूरी तरह से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही पुराने नियमों को लागू नहीं किया और फिटनेस आदि के शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो अगले सप्ताह पूरे उधमपुर में चालक, ट्रांसपोर्टर चक्का जाम करने पर मजबूर हो जाएंगे। इससे पैदा होने वाली अव्यवस्था की सारी जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित विभाग की होगी।
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यह जानकारी शुक्रवार को मेटाडोर यूनियन के अध्यक्ष दर्शन सिंह ने जिले के विभिन्न वाहन चालकों के साथ मिलकर साझा की। सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता ने वोट देकर सरकार का चयन किया ताकि आम आदमी से जुड़े मसलों का जल्द समाधान हो सके, लेकिन पिछले एक साल में ट्रांसपोर्टर्स को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कभी टोकन टैक्स में बढ़ोतरी कर दी जाती है तो कभी वाहनों के बीमा शुल्क में। अब हद तो तब हो गई जब फिटनेस के नाम पर आनलाइन 5 हजार से 22 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। छोटे और बड़े वाहनों के लिए निर्धारित शुल्क होना चाहिए।
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सिंह ने कहा कि फिटनेस शुल्क में बढ़ोतरी की पुष्टि को लेकर जब विभाग या अन्य अधिकारियों से लिखित आदेश की कापी मांगी जाती है तो उनके पास कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं है। खासकर इस फैसले को लेकर न ही परिवहन मंत्री, आयुक्त सचिव या फिर एआरटीओ की ओर से अधिकारिक रूप से कोई पुष्टि की गई है।
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सिंह ने बताया कि करोना काल में पहले ही ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से डूब चुका था जो अब तक उबर नहीं पाया है। उस पर हर दूसरे या तीसरे महीने वाहनों के दस्तावेज या अन्य संबंधित शुल्कों में बढ़ोतरी करके निजी परिवहन उद्योग को पूरी तरह से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही पुराने नियमों को लागू नहीं किया और फिटनेस आदि के शुल्क को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो अगले सप्ताह पूरे उधमपुर में चालक, ट्रांसपोर्टर चक्का जाम करने पर मजबूर हो जाएंगे। इससे पैदा होने वाली अव्यवस्था की सारी जिम्मेदारी सरकार एवं संबंधित विभाग की होगी।