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Udhampur News: हाई स्कूल कटवालत में शिक्षकों की कमी, 13 में से सात पद खाली, विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
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रामनगर। ब्लॉक कुलवंता के अंतर्गत आने वाले सरकारी हाई स्कूल कटवालत में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में स्वीकृत अध्यापकों के 13 में से सात पद लंबे समय से खाली पड़े हैं जिससे शैक्षणिक व्यवस्था चरमरा गई है।
स्कूल में लगभग 140 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं लेकिन उनके लिए केवल 5 अध्यापक और हेडमास्टर ही उपलब्ध हैं। ऐसे में सभी विषयों की पढ़ाई सुचारू रूप से करवा पाना संभव नहीं हो पा रहा है। विद्यार्थियों को कई विषयों में नियमित कक्षाएं नहीं मिल रही हैं जिससे उनके भविष्य को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ती जा रही है।
समाजसेवक रणजीत सिंह ठाकुर और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह माह पहले दो अध्यापकों का तबादला कर दिया गया था लेकिन उनके स्थान पर अब तक किसी भी नए अध्यापक की नियुक्ति नहीं की गई। इसके अलावा पहले से ही पांच पद रिक्त पड़े थे जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार विभाग को अवगत करवाने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खाली पदों को नहीं भरा गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अभिभावकों और लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके।
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स्कूल में लगभग 140 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं लेकिन उनके लिए केवल 5 अध्यापक और हेडमास्टर ही उपलब्ध हैं। ऐसे में सभी विषयों की पढ़ाई सुचारू रूप से करवा पाना संभव नहीं हो पा रहा है। विद्यार्थियों को कई विषयों में नियमित कक्षाएं नहीं मिल रही हैं जिससे उनके भविष्य को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ती जा रही है।
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समाजसेवक रणजीत सिंह ठाकुर और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह माह पहले दो अध्यापकों का तबादला कर दिया गया था लेकिन उनके स्थान पर अब तक किसी भी नए अध्यापक की नियुक्ति नहीं की गई। इसके अलावा पहले से ही पांच पद रिक्त पड़े थे जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार विभाग को अवगत करवाने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खाली पदों को नहीं भरा गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अभिभावकों और लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके।