{"_id":"601ee0f28ebc3e4a3d01f6c8","slug":"fury-over-daughters-not-getting-help-for-marriage-udhampur-news-jmu228568012","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटियों की शादी के लिए मदद नहीं मिलने पर रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटियों की शादी के लिए मदद नहीं मिलने पर रोष
विज्ञापन
उधमपुर। बेटियों की शादी के लिए राशि नहीं मिलने व अन्य लंबित मांगें पूरी नहीं होने पर मजदूर लेकर मजदूर दस्तकार यूनियन के सदस्यों ने शनिवार को एमएच चौक इलाके में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कई वर्षों से लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
सरकार की तरफ से कई तरह के आश्वासन दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसको लेकर कुछ नहीं किया है। इसलिए सबको बार-बार प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जिले के विभिन्न हिस्सों से मजदूर एमएच चौक इलाके में एकजुट हुए और फिर सभी ने जिला प्रधान दर्शन कुमार के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में यूनियन के प्रदेश उप प्रधान बंसी लाल शर्मा और संभाग प्रधान लखविंद्र सिंह भी शामिल रहे।
दर्शन कुमार ने बताया कि 2016 से सरकार ने मजदूूरों को बेटियों की शादी के लिए 25 हजार रुपये की राशि देना बंद कर दिया है। इससे पहले कई वर्षों तक मजदूरों को श्रम विभाग की तरफ से राशि दी गई। इससे मजदूरों को बेटियों की शादी करने में बहुत मदद मिलती थी। लेकिन फिर इसको अचानक बंद कर दिया गया। अब मजदूरों को उधार लेकर बेटियों की शादी करनी पड़ रही है। राशि जारी करने की मांग को लेकर मजदूर लगातार जिला प्रशासन और श्रम विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों की तरफ से केवल झूठे आश्वासन ही मिल रहे हैं। उपराज्यपाल के सलाहकार के सामने भी मांग को उठाया गया है, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ है। सरकार की तरफ से 60 साल से अधिक आयु के मजदूरों को पेंशन नहीं दी जा रही है। देश के कई राज्यों से यह सुविधा मिल रही है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में मजदूर सुविधा से महरूम हैं। कोरोना संकट के दौरान भी मजदूरों ने कई तरह की परेशानियों को झेला है। सरकारी सुविधाएं न मिलने के कारण मजदूरों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार की तरफ से कई तरह के आश्वासन दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसको लेकर कुछ नहीं किया है। इसलिए सबको बार-बार प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जिले के विभिन्न हिस्सों से मजदूर एमएच चौक इलाके में एकजुट हुए और फिर सभी ने जिला प्रधान दर्शन कुमार के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में यूनियन के प्रदेश उप प्रधान बंसी लाल शर्मा और संभाग प्रधान लखविंद्र सिंह भी शामिल रहे।
विज्ञापन
दर्शन कुमार ने बताया कि 2016 से सरकार ने मजदूूरों को बेटियों की शादी के लिए 25 हजार रुपये की राशि देना बंद कर दिया है। इससे पहले कई वर्षों तक मजदूरों को श्रम विभाग की तरफ से राशि दी गई। इससे मजदूरों को बेटियों की शादी करने में बहुत मदद मिलती थी। लेकिन फिर इसको अचानक बंद कर दिया गया। अब मजदूरों को उधार लेकर बेटियों की शादी करनी पड़ रही है। राशि जारी करने की मांग को लेकर मजदूर लगातार जिला प्रशासन और श्रम विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों की तरफ से केवल झूठे आश्वासन ही मिल रहे हैं। उपराज्यपाल के सलाहकार के सामने भी मांग को उठाया गया है, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ है। सरकार की तरफ से 60 साल से अधिक आयु के मजदूरों को पेंशन नहीं दी जा रही है। देश के कई राज्यों से यह सुविधा मिल रही है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में मजदूर सुविधा से महरूम हैं। कोरोना संकट के दौरान भी मजदूरों ने कई तरह की परेशानियों को झेला है। सरकारी सुविधाएं न मिलने के कारण मजदूरों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन