{"_id":"69c832b0d65ec12e5f0c787d","slug":"education-tips-udhampur-news-c-202-1-udh1010-134146-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: रटने के बजाय पाठ्यक्रम का रिवीजन व समय प्रबंधन सफलता के लिए जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: रटने के बजाय पाठ्यक्रम का रिवीजन व समय प्रबंधन सफलता के लिए जरूरी
विज्ञापन
उधमपुर। जम्मू-कश्मीर बोर्ड की 11 वीं कक्षा की परीक्षा के तहत दो अप्रैल को होने वाले पेपर को लेकर विद्यार्थियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए समय प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि छात्र पूरे पेपर को सही तरीके से योजना बना कर हल करते हैं तो वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। दो अप्रैल हो होने वाली परीक्षा के मद्देनजर शिक्षकों ने छात्रों को पाठ्यक्रम के अनुसार सटीक तैयारी करने और महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
परीक्षा की रणनीति साझा करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तर लिखते समय फ्लोचार्ट का प्रयोग करना अत्यंत फायदेमंद होता है। यदि छात्र थ्योरी कम लिखकर फ्लोचार्ट के माध्यम से प्रश्न की अवधारणा को स्पष्ट कर पाते हैं तो उन्हें बेहतर अंक प्राप्त हो सकते हैं। डेटाबेस और प्रबंधन प्रणाली दोनों विषयों से 12 अंक के प्रश्न हर वर्ष परीक्षा में देखने को मिलते हैं इसलिए इन दोनों विषयों को पढ़ना जरूरी है। अंतिम समय में रटने के बजाय पूरे पाठ्यक्रम का रिवीजन और समय प्रबंधन सफलता के लिए आवश्यक है।आईटी विषय के विशेषज्ञों के अनुसार साफ्टवेयर इंजीनियरिंग और प्रोग्रामिंग से जुड़े प्रश्न परीक्षा में बेहतर अंक दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। वहीं स्वास्थ्य देखभाल के विषय की तैयारी को लेकर शिक्षकों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
-- -- --
स्वास्थ्य देखभाल विषय के नाम से ही स्पष्ट होता है कि यह हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा है इसके बारे में जानकारी सभी छात्रों को होना बेहद जरूरी होती है क्योंकि इसमें हमारे स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होती है। यह विषय बच्चों को सबसे आसान विषय लगता है। सभी अध्याय सामान्य हैं जोकि सटीक समझ आते हैं।
विज्ञापन
- रीना शर्मा, शिक्षिका
जो छात्र भविष्य में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं, उन्हें पायथन जैसी प्रोग्रामिंग भाषा की गहरी समझ होनी चाहिए। छात्र परीक्षा के पहले दिन पर्याप्त नींद लें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें क्योंकि अंकों का कोई महत्व नहीं, केवल ज्ञान ही मायने रखता है।
- सनी पांडे, शिक्षक।
स्वास्थ्य देखभाल विषय के नाम से ही स्पष्ट होता है कि यह हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा है इसके बारे में जानकारी सभी छात्रों को होना बेहद जरूरी होती है क्योंकि इसमें हमारे स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होती है। यह विषय बच्चों को सबसे आसान विषय लगता है। सभी अध्याय सामान्य हैं जोकि सटीक समझ आते हैं।
- रीना शर्मा, शिक्षिका
जो छात्र भविष्य में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं उन्हें पायथन जैसी प्रोग्रामिंग भाषा की गहरी समझ होनी चाहिए। छात्र परीक्षा के पहले दिन पर्याप्त नींद लें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें क्योंकि अंकों का कोई महत्व नहीं, केवल ज्ञान ही मायने रखता है।
- सनी पांडे, शिक्षक।
विज्ञापन
परीक्षा की रणनीति साझा करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तर लिखते समय फ्लोचार्ट का प्रयोग करना अत्यंत फायदेमंद होता है। यदि छात्र थ्योरी कम लिखकर फ्लोचार्ट के माध्यम से प्रश्न की अवधारणा को स्पष्ट कर पाते हैं तो उन्हें बेहतर अंक प्राप्त हो सकते हैं। डेटाबेस और प्रबंधन प्रणाली दोनों विषयों से 12 अंक के प्रश्न हर वर्ष परीक्षा में देखने को मिलते हैं इसलिए इन दोनों विषयों को पढ़ना जरूरी है। अंतिम समय में रटने के बजाय पूरे पाठ्यक्रम का रिवीजन और समय प्रबंधन सफलता के लिए आवश्यक है।आईटी विषय के विशेषज्ञों के अनुसार साफ्टवेयर इंजीनियरिंग और प्रोग्रामिंग से जुड़े प्रश्न परीक्षा में बेहतर अंक दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। वहीं स्वास्थ्य देखभाल के विषय की तैयारी को लेकर शिक्षकों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य देखभाल विषय के नाम से ही स्पष्ट होता है कि यह हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा है इसके बारे में जानकारी सभी छात्रों को होना बेहद जरूरी होती है क्योंकि इसमें हमारे स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होती है। यह विषय बच्चों को सबसे आसान विषय लगता है। सभी अध्याय सामान्य हैं जोकि सटीक समझ आते हैं।
विज्ञापन
- रीना शर्मा, शिक्षिका
जो छात्र भविष्य में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं, उन्हें पायथन जैसी प्रोग्रामिंग भाषा की गहरी समझ होनी चाहिए। छात्र परीक्षा के पहले दिन पर्याप्त नींद लें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें क्योंकि अंकों का कोई महत्व नहीं, केवल ज्ञान ही मायने रखता है।
- सनी पांडे, शिक्षक।
स्वास्थ्य देखभाल विषय के नाम से ही स्पष्ट होता है कि यह हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा है इसके बारे में जानकारी सभी छात्रों को होना बेहद जरूरी होती है क्योंकि इसमें हमारे स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होती है। यह विषय बच्चों को सबसे आसान विषय लगता है। सभी अध्याय सामान्य हैं जोकि सटीक समझ आते हैं।
- रीना शर्मा, शिक्षिका
जो छात्र भविष्य में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं उन्हें पायथन जैसी प्रोग्रामिंग भाषा की गहरी समझ होनी चाहिए। छात्र परीक्षा के पहले दिन पर्याप्त नींद लें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें क्योंकि अंकों का कोई महत्व नहीं, केवल ज्ञान ही मायने रखता है।
- सनी पांडे, शिक्षक।