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भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रणवीर सिंह पठानिया ने बारिश प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लिया नुकसान का जायजा
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जिला उधमपुर में बारिश से क्षतिग्रस्त हुई धान की फसल का जायजा लेते भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रणवीर
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपर/रामनगर। प्रदेश के बीजेपी प्रवक्ता एवं रामनगर के पूर्व विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर बारिश व ओलावृष्टि से किसानों तथा बागवानों को हुए नुकसान का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनसभाओं का आयोजन कर लोगों की परेशानियों को भी सुना। जहां उन्होंने सरकार से मांग करते हुए जिले के बारिश प्रभावित इलाकों में लोगों की तत्काल सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से मजालता, बसंतगढ़, पंचैरी, चिनैनी-घोरड़ी और उधमपुर के अन्य दूरदराज क्षेत्रों में किसानों व बागवानों की 90-100 प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि धान की तैयार हो चुकी लगभग पूरी फसल बर्बाद हो गई है। सरकारी संपर्क की कमी के कारण यहां भुखमरी और महामारी के बड़े खतरे मंडराने लगे हैं। बागवानों की भी सेब, आडू, आंवला, खट्टे फल, आदि पूरी तरह से खराब हो गए हैं। जिसके कारण स्थानीय किसानों के साथ बागवान भी गंभीर वित्तीय संकट के कगार पर हैं। उन्होंने उपराज्यपाल से मुआवजे के नुकसान का आंकलन करने के लिए मूल्यांकन एजेंसियों को तुरंत निर्देश देने के लिए पर्याप्त मुआवजा प्रदान करने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि कोविड की भीषण लहरों ने पहले ही स्थानीय किसानों और बागवानों की कमर तोड़ दी है। रही सही कसर अब बेमौसम बारिश ने पूरी कर दी। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में बंद हुई सड़क और बिजली आपूर्ति लाइनों को बहाल करने के लिए भी त्वरित कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर उनके साथ विभिन्न सरपंच, पंच और क्षेत्र के प्रमुख लोग थे।
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इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनसभाओं का आयोजन कर लोगों की परेशानियों को भी सुना। जहां उन्होंने सरकार से मांग करते हुए जिले के बारिश प्रभावित इलाकों में लोगों की तत्काल सहायता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से मजालता, बसंतगढ़, पंचैरी, चिनैनी-घोरड़ी और उधमपुर के अन्य दूरदराज क्षेत्रों में किसानों व बागवानों की 90-100 प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ है।
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उन्होंने कहा कि धान की तैयार हो चुकी लगभग पूरी फसल बर्बाद हो गई है। सरकारी संपर्क की कमी के कारण यहां भुखमरी और महामारी के बड़े खतरे मंडराने लगे हैं। बागवानों की भी सेब, आडू, आंवला, खट्टे फल, आदि पूरी तरह से खराब हो गए हैं। जिसके कारण स्थानीय किसानों के साथ बागवान भी गंभीर वित्तीय संकट के कगार पर हैं। उन्होंने उपराज्यपाल से मुआवजे के नुकसान का आंकलन करने के लिए मूल्यांकन एजेंसियों को तुरंत निर्देश देने के लिए पर्याप्त मुआवजा प्रदान करने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि कोविड की भीषण लहरों ने पहले ही स्थानीय किसानों और बागवानों की कमर तोड़ दी है। रही सही कसर अब बेमौसम बारिश ने पूरी कर दी। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में बंद हुई सड़क और बिजली आपूर्ति लाइनों को बहाल करने के लिए भी त्वरित कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर उनके साथ विभिन्न सरपंच, पंच और क्षेत्र के प्रमुख लोग थे।