{"_id":"581e24f54f1c1bae314394ce","slug":"delhi-government-is-insulting-the-martyrs","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘शहीदों का अपमान कर रही है दिल्ली सरकार’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘शहीदों का अपमान कर रही है दिल्ली सरकार’
ब्यूरो, अमर उजाला/उध्ामपुर
Updated Sat, 05 Nov 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष मेजर उमाकांत।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दिल्ली सरकार द्वारा पूर्व सूबेदार राम कृष्ण को शहीद का दर्जा दिए जाने की बात का पूर्व सैनिक सेवा परिषद की उधमपुर इकाई ने कड़ा विरोध जताया है।
विज्ञापन
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष सेवानिवृत्त मेजर उमाकांत ने कहा कि एक फौजी जो फौज से सेवानिवृत्त होता है तो उसमें काम करने का जजबा होता है।
किसी भी परेशानी से लड़ने की ताकत होती है, लेकिन अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लेना कहां की इंसानियत है। ऐसा करने से देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों का मनोबल गिरता है। उन्हें भी ऐसा प्रतीत होता है कि सेवानिवृत्त होने के बाद उनकी अहमियत कम हो जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि शहीद का दर्जा उस सैनिक को दिया जाता है, जो देश की रक्षा करते समय शहीद हुआ हो। जिसने खुद अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली उसे शहीद का दर्जा दिया जाना बिल्कुल गलत है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अगर रामकृष्ण को शहीद का दर्जा दिया जाता है तो इसमें देश की रक्षा करते समय शहीद हुए सैनिकों का अपमान होगा। आत्महत्या करने वाले पूर्व फौजी को दिल्ली सरकार द्वारा एक करोड़ दिए जाने के ऐलान का स्वागत करते हैं, लेकिन सचमुच में सरहद पर शहीद होने वालों को भी एक-एक करोड़ रुपये दिया जाए।