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दुष्कर्मी को सात साल का कठोर कारावास
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उधमपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश उधमपुर सोभा राम गांधी ने शुक्रवार को भटियारी तहसील रामनगर में रहने वाले विजय सिंह पुत्र सुखदेव सिंह को दुष्कर्म के मामले में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अगर दोषी जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करता है तो उसको छह महीने अधिक सजा भुगतनी होगी।
दुष्कर्म का शिकार युवती ने दो सितंबर 2012 में रामनगर पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उसने आरोप लगाया था कि वह अपने भाई-बहन के साथ सत्संग के लिए चर्च की तरफ जा रही थी। जब वह चील इलाके में मोटरेबल रोड पर पहुंची तो विजय सिंह अपने साथी के साथ जो पहले से ही रास्ते में मौजूद था, ने रोक दिया और उसके बाद विजय सिंह ने दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 341/376/34 आरपीसी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। कुछ दिनों के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया गया, जिसमें अभियोजन पक्ष अनिल मगोत्रा ने नौ गवाहों को पेश किया।
अभियोजक पक्ष और अभियुक्तों के वकील की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश ने देखा कि दुष्कर्म को जघन्य अपराध माना जाता है और हाल के समय में कानून में कड़े दंड के साथ कठोर बदलाव किए गए हैं। मगर इसके बावजूद अपराध का स्तर और अमानवीयता बढ़ रही है। दुष्कर्म का आरोप साबित होता है और विजय सिंह को आरपीसी की धारा 376 और 341 के तहत दोषी ठहराते हुए सात साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माना लगाती है। अगर दोषी जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करता है उसको छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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दुष्कर्म का शिकार युवती ने दो सितंबर 2012 में रामनगर पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उसने आरोप लगाया था कि वह अपने भाई-बहन के साथ सत्संग के लिए चर्च की तरफ जा रही थी। जब वह चील इलाके में मोटरेबल रोड पर पहुंची तो विजय सिंह अपने साथी के साथ जो पहले से ही रास्ते में मौजूद था, ने रोक दिया और उसके बाद विजय सिंह ने दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 341/376/34 आरपीसी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। कुछ दिनों के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया गया, जिसमें अभियोजन पक्ष अनिल मगोत्रा ने नौ गवाहों को पेश किया।
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अभियोजक पक्ष और अभियुक्तों के वकील की सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश ने देखा कि दुष्कर्म को जघन्य अपराध माना जाता है और हाल के समय में कानून में कड़े दंड के साथ कठोर बदलाव किए गए हैं। मगर इसके बावजूद अपराध का स्तर और अमानवीयता बढ़ रही है। दुष्कर्म का आरोप साबित होता है और विजय सिंह को आरपीसी की धारा 376 और 341 के तहत दोषी ठहराते हुए सात साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माना लगाती है। अगर दोषी जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करता है उसको छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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