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बिना ट्रैक के मिट्टी में दौड़े 210 खिलाड़ी
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उधमपुर। उधमपुर में खेलो इंडिया के तहत दो दिवसीय अंतर जिला स्तरीय एथलेटिक मीट का आयोजन हुआ, लेकिन दिनभर विभिन्न जिलों के 210 खिलाड़ी असुविधाओं को लेकर परेशान दिखाई दिए। अर्धनिर्मित मैदान के साथ ही न तो कपड़े बदलने, शौचालय और न ही आराम के लिए सुविधा नहीं मिलने से उनके हौसले पस्थ दिखाई दिए।
जिला खेल विभाग की ओर से अधूरे सुभाष स्टेडियम में अंतर जिला स्तरीय एथलेटिक मीट का किया जा रहा है, जिसमें 20 जिलों के खिलाड़ी सुविधाओं के अभाव में परेशान हो रहे हैं। इतना ही नहीं मांसपेशियों में खिचाव आने पर खिलाड़ी पथरीली जमीन पर आराम करने को मजबूर हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रतियोगिता का आयोजन अच्छे मैदान में किया जाना चाहिए था।
सुभाष स्टेडियम में करीब डेढ़ साल से मरम्मत का कार्य जारी है। डेढ़ माह पहले मैदान में मिट्टी बिछाई गई है, जिस पर घास लगाना शेष है। लेकिन इसके बावजूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। पहले ही दिन विभाग की लापरवाही सामने आई है। अधिकारी खुद तो टेंट में बैठ कर आराम फरमाते रहे, लेकिन खिलाड़ी परेशानियों जूझते दिखाई दिए।
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पथरीली जमीन पर लेटने को मजबूर
मैदान में खिलाड़ियों के आराम करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। खेल के दौरान अगर किसी की मांसपेशी में खिचाव आया तो उसे पथरीली जमीन पर लेट कर आराम किया और दूसरे साथी ने उसकी टांगों के खिचाव को दूर किया। कुछ तो सटेडियम के अंदर ही फुुथपाथ पर आराम करते दिखाई दिए।
खिलाड़ियों को नहीं मिली चेजिंग रूम की सुविधा
प्रदेश के 20 जिलों के खिलाड़ियों को कपड़े बदलने के लिए चेजिंग रूम की भी सुविधा नहीं मिल सकी। इस कारण खिलाड़ी खुले में ही कपड़े बदलने को मजबूर रहे। मैदान के अंदर ही मात्र 50 मीटर दूर इंडोर मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में चेंजिंग रूम बनाया गया है, लेकिन उसकी भी खिलाड़ियों को सुविधा नहीं मिली। इतना ही नहीं खिलाड़ी पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं होने पर दरबदर होते दिखाई दिए। एक काउंटर पर कुछ बड़ी गैलन को रखा गया था। मगर पानी खत्म होने के बाद घंटों इंतजार करना पड़ा।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि स्टेडियम की हालत बहुत ज्यादा खराब है। इसको पूरी तरह से तैयार होने में अभी काफी समय लगेगा। मौजूदा समय में एथलेटिक मीट के लिए सुभाष स्टेडियम उचित नहीं है। लेकिन फिर भी पूरा प्रयास है कि खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। परेशानी को दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
-स्वर्ण सिंह, जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी
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जिला खेल विभाग की ओर से अधूरे सुभाष स्टेडियम में अंतर जिला स्तरीय एथलेटिक मीट का किया जा रहा है, जिसमें 20 जिलों के खिलाड़ी सुविधाओं के अभाव में परेशान हो रहे हैं। इतना ही नहीं मांसपेशियों में खिचाव आने पर खिलाड़ी पथरीली जमीन पर आराम करने को मजबूर हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रतियोगिता का आयोजन अच्छे मैदान में किया जाना चाहिए था।
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सुभाष स्टेडियम में करीब डेढ़ साल से मरम्मत का कार्य जारी है। डेढ़ माह पहले मैदान में मिट्टी बिछाई गई है, जिस पर घास लगाना शेष है। लेकिन इसके बावजूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। पहले ही दिन विभाग की लापरवाही सामने आई है। अधिकारी खुद तो टेंट में बैठ कर आराम फरमाते रहे, लेकिन खिलाड़ी परेशानियों जूझते दिखाई दिए।
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पथरीली जमीन पर लेटने को मजबूर
मैदान में खिलाड़ियों के आराम करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। खेल के दौरान अगर किसी की मांसपेशी में खिचाव आया तो उसे पथरीली जमीन पर लेट कर आराम किया और दूसरे साथी ने उसकी टांगों के खिचाव को दूर किया। कुछ तो सटेडियम के अंदर ही फुुथपाथ पर आराम करते दिखाई दिए।
खिलाड़ियों को नहीं मिली चेजिंग रूम की सुविधा
प्रदेश के 20 जिलों के खिलाड़ियों को कपड़े बदलने के लिए चेजिंग रूम की भी सुविधा नहीं मिल सकी। इस कारण खिलाड़ी खुले में ही कपड़े बदलने को मजबूर रहे। मैदान के अंदर ही मात्र 50 मीटर दूर इंडोर मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में चेंजिंग रूम बनाया गया है, लेकिन उसकी भी खिलाड़ियों को सुविधा नहीं मिली। इतना ही नहीं खिलाड़ी पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं होने पर दरबदर होते दिखाई दिए। एक काउंटर पर कुछ बड़ी गैलन को रखा गया था। मगर पानी खत्म होने के बाद घंटों इंतजार करना पड़ा।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि स्टेडियम की हालत बहुत ज्यादा खराब है। इसको पूरी तरह से तैयार होने में अभी काफी समय लगेगा। मौजूदा समय में एथलेटिक मीट के लिए सुभाष स्टेडियम उचित नहीं है। लेकिन फिर भी पूरा प्रयास है कि खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। परेशानी को दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
-स्वर्ण सिंह, जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी