फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Strategy made to stop target killing, asked pundits not to move for four-five days in valley

Target Killing J&K : टारगेट किलिंग रोकने के लिए बनी रणनीति, चार-पांच दिन पंडितों को मूवमेंट न करने की सलाह, पर पलायन जारी

Sat, 04 Jun 2022 02:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा बृजेश कुमार सिंह, जम्मू/अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर 
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू/अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 04 Jun 2022 02:02 AM IST
सार

सरकारी मुलाजिमों को भी घर पर ही रहने को कहा, हिंदू कर्मचारियों को दफ्तर न जाने की सलाह। सभी थानों से फोन से मुलाजिमों तथा पंडितों को दी गई हिदायत, कुछ थानों ने व्हाट्सएप ग्रुप पर भी मैसेज किया शेयर।

विज्ञापन
Strategy made to stop target killing, asked pundits not to move for four-five days in valley
टारगेट किलिंग के खिलाफ प्रदर्शन करते कश्मीरी पंडित - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

कश्मीर में एक महीने से भी कम समय में लगातार हो रही रही टारगेट किलिंग और सात मई से अब तक नौ लोगों को निशाना बनाए जाने से फैली दहशत से आम लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए प्रशासन ने कमर कसी है। टारगेट किलिंग को रोकने की रणनीति बनाते हुए घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडितों तथा पीएम पैकेज के कर्मचारियों को चार-पांच दिनों तक मूवमेंट न करने को कहा गया है। साथ ही हिंदू कर्मचारियों को भी घर पर ही रहने को कहा गया है। उन्हें दफ्तर न जाने की हिदायत दी गई है। घाटी के सभी जिलों के विभिन्न थानों से फोन कर मुलाजिमों तथा कश्मीरी पंडितों को हिदायत दी गई है। कुछ थानों ने बनाए गए व्हाट्सए ग्रुप पर भी यह मैसेज शेयर किया है। 

विज्ञापन


घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडितों ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें थाने से पांच दिनों तक मूवमेंट न करने को कहा गया है। यदि मूवमेंट बहुत जरूरी हो तो बिना स्थानीय पुलिस को सूचित किए ऐसा न किया जाए। पीएम पैकेज से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि यों तो वे 12 मई को राहुल भट की हत्या के बाद से ही दफ्तर नहीं जा रहे हैं, लेकिन उन्हें भी फोन कर यह हिदायत दी गई है कि वे फिलहाल कार्यालय न जाए।
विज्ञापन


हिंदू कर्मचारियों को भी घर पर ही रहने की हिदायत दी गई है। इन सबों का कहना है कि आखिर क्या है कि पांच दिनों तक विशेष सतर्कता बरतने को कहा जा रहा है। कश्मीर पंडित संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय टिक्कू ने बताया कि कश्मीरी पंडितों तथा कर्मचारियों को पांच दिनों तक मूवमेंट न करने का स्थानीय थाने से मैसेज भेजा गया है। उनका कहना है कि यह टारगेट किलिंग को रोकने की रणनीति भी है। साथ ही सुरक्षा बलों को कोई इनपुट भी मिला हो सकता है, जिसकी वजह से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्थानीय हैंडलरों की तलाश
सुरक्षा बलों का मानना है कि टारगेट किलिंग में स्थानीय हैंडलरों का भी हाथ है। बिना इनके सहयोग के साफ्ट टारगेट को निशाना नहीं बनाया जा सकता है। साफ्ट टारगेट की रैकी से लेकर उनके घर से बाहर निकलने, उनके मूवमेंट तक की आतंकियों को पूरी जानकारी होती है। सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर में अपनी बेटी को ट्यूशन के लिए छोड़ने जा रहे पुलिसकर्मी को तब निशाना बनाया गया जब वह घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की रेंज से बाहर आ गए। यह सब स्थानीय हैंडलर के बिना संभव नहीं है। सुरक्षा बलों के सूत्रों के अनुसार ऐसे हैंडलर घाटी के लगभग सभी जिले में सक्रिय हैं। इनका पता लगाया जा रहा है ताकि इसे जड़ से ही खत्म किया जा सके। 

प्रवासी मजदूरों के रिहायशी इलाकों की सुरक्षा बढ़ाई
बडगाम में वीरवार की रात ईंट भट्ठा पर दो मजदूरों को गोली मारने की घटना के बाद कश्मीर के सभी 10 जिलों में रहने वाले प्रवासी लगभग एक लाख मजदूरों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पुलवामा में औद्योगिक क्षेत्र होने की वजह से सबसे अधिक प्रवासी मजदूर रहते हैं। इनके रिहायशी इलाकों तथा कार्यस्थल के आसपास सुरक्षा घेरा सख्त किया गया है।

बारामुला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बडगाम, गांदरबल, श्रीनगर, अनंतनाग, शोपियां तथा कुलगाम में जहां कहीं भी प्रवासी मजदूर रहते हैं, सभी थानों को अलर्ट किया गया है कि उनके मूवमेंट को ट्रैक किया जाए। उनके आवासीय परिसरों के आसपास सुरक्षा घेरा सख्त रखा जाए। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि प्रवासी मजदूरों में दहशत का माहौल न बने, इसका ख्याल भी रखना है। साथ ही उनकी सुरक्षा भी मुकम्मल हो इसे भी फोकस करते हुए इंतजाम करने हैं। 

घाटी से एक-एक कर निकल रहे कश्मीरी पंडित परिवार

कश्मीर घाटी में लक्षित हत्याओं के बाद पैदा हुए दहशत के माहौल के बीच कश्मीरी पंडितों और हिंदू परिवारों का यहां से पलायन शुक्रवार को भी जारी रहा। घाटी के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित कश्मीरी पंडितों की कॉलोनियों से एक-एक कर परिवार जम्मू रवाना हो रहे हैं। हालांकि कॉलोनियों के बाहर सुरक्षाबलों की पर्याप्त तैनाती की गई है।            

 श्रीनगर के इंदिरा नगर इलाके में शुक्रवार सुबह ही कुछ परिवार जम्मू के लिए रवाना हुए, जबकि कुछ ऐसे परिवार अभी यहां रुके हुए हैं जिनके बच्चे स्थानीय स्कूलों में पढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों के भविष्य का ध्यान भी रखना है। नाम न छापने की शर्त पर एक कश्मीरी पंडित ने बताया कि उनकी दो छोटी-छोटी बेटियां स्थानीय स्कूल में पढ़ती हैं। आज वह स्कूल प्रबंधन से मिलने गए थे। उनसे ऑनलाइन कक्षाएं लगाने संबंधी चर्चा की। आशुतोष ने कहा कि यह मसला सुलझ जाए तो वो भी अपने परिवार के साथ जम्मू चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि इलाके में उनके जैसे ही करीब 10-12 परिवार रह गए हैं जबकि बाकी जम्मू लौट चुके हैं।  उन्होंने कहा कि लौटना तो है ही, क्योंकि यहां अब वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जान है तो जहान है।
        
  इस बीच शेखपोरा बडगाम से भी करीब 30 प्रतिशत परिवार छोड़कर जा चुके हैं। बाकी जो बचे हैं वो भी जल्द लौटेंगे लेकिन उनके भी ऐसे ही कुछ मसले हैं। एक वायरल वीडियो में यह साफ़ देखने को मिला कि कुछ परिवार अपने बच्चों को लेकर स्कूल प्रबंधन से मिलने गए थे जिसके लिए उन्हें जिला पुलिस ने सुरक्षा मुहैया कराई थी। सूत्रों के मुताबिक यही हाल अन्य जिलों का भी है। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के मट्टन में 90 प्रतिशत परिवार लौट चुके हैं, वेसु में 20 प्रतिक्षत, गांदरबल में 40 प्रतिशत, बारामुला से 60 प्रतिशत जबकि कुपवाड़ा तो लगभग खाली हो चुका है।  

सुरक्षा कारणों से नवयुग टनल पर नहीं हुआ जुटान       
कश्मीरी पंडित माइनॉरिटी फोरम की तरफ से क़श्मीरी पंडितों को काजीगुंड के नवयुग टनल पर एकत्रित होने के लिए कहा था, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों के चलते एकत्रित नहीं होने दिए। इस बीच जहां-जहां कश्मीरी पंडितों की कॉलोनियां हैं वहां सुरक्षाबल लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पंडित कर्मचारियों को एक-एक कर छोड़ा जा रहा है, लेकिन समूह में निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। 

13 कर्मियों को घर के नजदीक किया नियुक्त
इस बीच पता चला है कि चीफ एकाउंट्स अफसर डिस्ट्रिक्ट फंड ऑफिस में नए नियुक्त किए गए 131 असिस्टेंट कम्पाइलर को भी उनके घरों के नजदीक नियुक्त कर दिया गया है।   

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed