Target Killings: कश्मीर में लक्षित हत्याओं के विरोध में कई जगहों पर निकला गया रोष मार्च
उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा के सुंबल, गुरेज व बांदीपोरा में मार्च निकालकर निर्दोष नागरिकों की हत्या बंद करने की मांग की गई। कुपवाड़ा में फाउंटेन प्वाइंट दर्जीपोरा से डीसी कार्यालय तक लोगों ने कैंडल मार्च निकाला।
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उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा के सुंबल, गुरेज व बांदीपोरा में मार्च निकालकर निर्दोष नागरिकों की हत्या बंद करने की मांग की गई। कुपवाड़ा में फाउंटेन प्वाइंट दर्जीपोरा से डीसी कार्यालय तक लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। इसी प्रकार इंदिरा नगर शिवमंदिर से दास पार्क बटवारा तक मार्च निकाला गया। इसमें पीएम पैकेज के कर्मचारी, कश्मीरी पंडित समुदाय तथा नागरिक समाज के लोग शामिल हुए।
वहीं, जम्मू में आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा और एलजी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी आप कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच मामूली झड़प भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को बसों में पुलिस लाइन लाया गया। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा, घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल है।
आए दिन लक्षित हत्याएं इसका परिणाम है। लक्षित हत्याएं भारत सरकार द्वारा सामान्य स्थिति के झूठे दावों को बेनकाब कर रही हैं। घाटी में हर दिन आतंकियों द्वारा निर्दोष नागरिकों की हत्याएं की जा रही हैं। आप नेता महाराज कृष्ण योगी ने कहा कि सरकार कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। प्रदेश गंभीर सुरक्षा स्थिति का सामना कर रहा है। इसमें निर्दोष नागरिक आसान लक्ष्य बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज कश्मीरी पंडित समुदाय सबसे ज्यादा पीड़ित है। घाटी में सामान्य स्थिति होने के झूठे दावे किए जा रहे हैं। आप नेता अमृत वट्टल ने कहा कि 1990 में भी कश्मीरी पंडितों की लक्षित हत्याएं हुई थीं, जिसके कारण लोगों को कश्मीर घाटी से पलायन करना पड़ा था। आप नेता टीएस टोनी ने कहा कि सरकार हर स्तर पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किया।