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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Risk of fidayeen attack on Jammu and Kashmir's military camps and power projects

जम्मू-कश्मीर के सैन्य शिविरों और बिजली प्रोजेक्टों पर फिदायीन हमले का खतरा

Wed, 07 Jun 2017 06:36 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र/ जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र/ जम्मू Updated Wed, 07 Jun 2017 06:36 AM IST
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Risk of fidayeen attack on Jammu and Kashmir's military camps and power projects
- फोटो : PTI

राज्य में सैन्य शिविरों और बिजली प्रोजेक्टों पर फिदायीन हमले का खतरा मंडरा रहा है। लश्कर-ए-ताइबा ने फिर से उत्तरी कश्मीर में अपनी पैठ बना ली है। उत्तरी कश्मीर में पाकिस्तान के लगभग 100 प्रशिक्षित आतंकी हैं, जिनमें चार ग्रुप को फिदायीन दस्ता माना गया है। इन चार ग्रुपों में 16 आतंकी हैं। नियंत्रण रेखा के उस पार से लश्कर के फिदायीन दस्तों की घुसपैठ की कोशिशें भी लगातार जारी हैं।

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 सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि बांदीपोरा में सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमला नाकाम कर दिए जाने के बाद आतंकी संगठन बड़े हमले की रणनीति पर काम कर रहा है। इस बाबत रेड अलर्ट जारी किया गया है। सीजफायर उल्लंघन की आड़ में पीओके से 20 आतंकी पिछले दिनों घुसपैठ में सफल रहे हैं। इससे सुरक्षा बलों की चुनौती बढ़ गई है।
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सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि आतंकियों की बातचीत के कुछ फोन रिकॉर्ड किए गए हैं। कुछ संदेशों को पकड़ा गया है। अब लश्कर-ए-ताइबा कश्मीर में बिजली प्रोजेक्टों और जम्मू में सैन्य शिविरों पर हमले की तैयारी कर रहा है।
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उड़ी में बिजली प्रोजेक्ट पर हमले की साजिश के इनपुट मिलने के बाद सीआईएसएफ ने रेड अलर्ट जारी कर सुरक्षा बढ़ा दी है। नब्बे के दशक के बाद आतंकी संगठन ने डोडा और किश्तवाड़ के इलाकों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज की है। इस बाबत चिनाब घाटी के बिजली प्रोजेक्टों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बार्डर के इलाकों में नालों से आतंकियों की घुसपैठ की आशंका

Risk of fidayeen attack on Jammu and Kashmir's military camps and power projects
Indian Army

पाकिस्तान की ओर से हाल के दिनों में नियंत्रण रेखा से ही सीजफायर के उल्लंघन और घुसपैठ की कोशिशें हुईं हैं। इन मामलों में बार्डर फिलहाल शांत है, लेकिन ताजा इनपुट के मुताबिक जम्मू संभाग के कठुआ और सांबा के इलाकों में नालों के माध्यम से आतंकियों की घुसपैठ हो सकती है।

इस आशय के इनपुट के बाद कठुआ से जम्मू तक के सभी सैन्य शिविरों को रेड अलर्ट पर रखा गया है। जिन सैन्य शिविरों की चहारदीवारी कम ऊंची है, उसे और ऊंचा कर कंटीले तार लगाए जा रहे हैं।

उड़ी और पुंछ घुसपैठ के लिए बेहद संवेदनशील
सेना ने कश्मीर में उड़ी और पुंछ को आतंकियों की घुसपैठ के लिए बेहद संवेदनशील माना है। इस बाबत नियंत्रण रेखा पर इस्राइली उपकरणों से निगरानी बढ़ाई गई है। नाइट विजन कैमरों की संख्या बढ़ा दी गई है।

पाकिस्तान सेना अब रुक-रुक कर पेट्रोलिंग कर रही है। पहले गश्त करने वाले पाकिस्तानी सैनिकों की संख्या कम होती थी लेकिन अब इसमें एक काफिले में जवान होते हैं।
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