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सेना की तत्परता से बची बुजुर्ग की जान
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पुंछ जिले के पीरपांचाल के पहाडों में सथरबन ढोक में बुजुर्ग का उपचार करते सेना के चिकित्सक
- फोटो : POONCH
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पुंछ। मंडी तहसील में तैनात भारतीय सेना की तत्काल कार्रवाई एवं सहायता से पीर पांचाल के पहाड़ों में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग की जान बच गई। सेना के इस प्रयास की लोगों ने जमकर प्रशंसा की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की मंडी तहसील में पीर पांचाल के पहाड़ों में स्थित सथरबन डोक में अपने परिवार एवं मवेशियों के साथ रह रहे मोहम्मद रिजवान की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह लंबे समय से मधुमेह की बीमारी से पीड़ित थे। तबीयत खराब होने पर उनकी सांसें उखड़ने लगीं, जिससे उनके साथ मौजूद लोग चिंतित हो गए। क्योंकि, सथरबन डोक सड़क से लगभग छह घंटों की पैदल दूरी पर स्थित है। और, वहां किसी प्रकार की कोई चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं है।
बुजुर्ग की हालत की जानकारी डोक से कुछ दूर तैनात सेना के अधिकारियों को मिली तो उन्होंने तत्काल कुछ जवानों और चिकित्सकीय दल को बुजुर्ग की सहायता के लिए पहुंचाया। चिकित्सकों ने बुजुर्ग को प्राथमिक उपचार दिया, जिससे बुजुर्ग की सांसें सामान्य हो गईं। फिर सेना ने ही बुजुर्ग को गांव सावजियां स्थित प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर पहुंचाया। इससे मो. रिजवान की जान बच गई।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की मंडी तहसील में पीर पांचाल के पहाड़ों में स्थित सथरबन डोक में अपने परिवार एवं मवेशियों के साथ रह रहे मोहम्मद रिजवान की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह लंबे समय से मधुमेह की बीमारी से पीड़ित थे। तबीयत खराब होने पर उनकी सांसें उखड़ने लगीं, जिससे उनके साथ मौजूद लोग चिंतित हो गए। क्योंकि, सथरबन डोक सड़क से लगभग छह घंटों की पैदल दूरी पर स्थित है। और, वहां किसी प्रकार की कोई चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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बुजुर्ग की हालत की जानकारी डोक से कुछ दूर तैनात सेना के अधिकारियों को मिली तो उन्होंने तत्काल कुछ जवानों और चिकित्सकीय दल को बुजुर्ग की सहायता के लिए पहुंचाया। चिकित्सकों ने बुजुर्ग को प्राथमिक उपचार दिया, जिससे बुजुर्ग की सांसें सामान्य हो गईं। फिर सेना ने ही बुजुर्ग को गांव सावजियां स्थित प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर पहुंचाया। इससे मो. रिजवान की जान बच गई।
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