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खुले शीतकालीन सत्र के स्कूल, बच्चों का हुआ जोरदार स्वागत
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पुंछ। कोरोना महामारी के कारण करीब सवा दो सालों से बंद चल रहे शीतकालीन सत्र वाले सभी शिक्षा संस्थान बुधवार को खोल दिए गए। जिससे स्कूलों में तैनात शिक्षकों और विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षा संस्थानों के खुलने पर पहले ही दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे। जहां शिक्षकों ने विद्यार्थियों का तालियां बजाकर स्वागत किया और मुंह मीठा कराया। जिससे विद्यार्थियों का उत्साह और बढ़ गया।
इस अवसर पर पुंछ जिले के मंडी तहसील मुख्यालय स्थित लड़कियों के हायर सेकेंडरी स्कूल का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। जहां पर स्कूल के मुख्य द्वार को गुबारों से सजाया गया था। स्कूल की प्रिंसिपल अंजु रिषी की अगुवाई में शिक्षक दो कतारों में खड़े थे और स्कूल में आने वालीं छात्राओं का तालियां बजाकर स्वगत करते दिखे। वहीं कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बच्चों के शरीर के तापमान की की गई। सभी छात्राएं और शिक्षक मास्क पहने थे। सवा दो सालों के बाद स्कूल खुलने पर खुशी जताते हुए छात्र रूबीना कोसर, शाजिया बेगम, रजिया सुलताना, आसिया जाफरी आदि का कहना था कि आज हम बहुत खुश हैं।
हमारे शिक्षकों ने हमारा बहुत अच्छे तरीके से स्वागत किया है। अब हम सरकार से आग्रह करते हैं कि अगर दोबारा कोरोना महामारी आए भी तो हमारे स्कूल बंद न किए जाएं, क्योंकि स्कूल बंद रहने से हमारी शिक्षा काफी प्रभावित हुई है। ऑनलाइन कक्षाओं का हमें कोई विशेष लाभ नहीं मिला है, क्योंकि हमारे क्षेत्र में कभी बिजली बंद रहती है और कभी मोबाइल नेटवर्क गायब रहता है। स्कूल की प्रिंसिपल अंजु रिषी का कहना है कि हम यह प्रयास करेंगे कि हमारे शिक्षक दोगुनी मेहनत कर बच्चों को पढ़ाएं ताकि उनका जो नुकसान हुआ है वह पूरा हो सके।
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इस अवसर पर पुंछ जिले के मंडी तहसील मुख्यालय स्थित लड़कियों के हायर सेकेंडरी स्कूल का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। जहां पर स्कूल के मुख्य द्वार को गुबारों से सजाया गया था। स्कूल की प्रिंसिपल अंजु रिषी की अगुवाई में शिक्षक दो कतारों में खड़े थे और स्कूल में आने वालीं छात्राओं का तालियां बजाकर स्वगत करते दिखे। वहीं कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बच्चों के शरीर के तापमान की की गई। सभी छात्राएं और शिक्षक मास्क पहने थे। सवा दो सालों के बाद स्कूल खुलने पर खुशी जताते हुए छात्र रूबीना कोसर, शाजिया बेगम, रजिया सुलताना, आसिया जाफरी आदि का कहना था कि आज हम बहुत खुश हैं।
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हमारे शिक्षकों ने हमारा बहुत अच्छे तरीके से स्वागत किया है। अब हम सरकार से आग्रह करते हैं कि अगर दोबारा कोरोना महामारी आए भी तो हमारे स्कूल बंद न किए जाएं, क्योंकि स्कूल बंद रहने से हमारी शिक्षा काफी प्रभावित हुई है। ऑनलाइन कक्षाओं का हमें कोई विशेष लाभ नहीं मिला है, क्योंकि हमारे क्षेत्र में कभी बिजली बंद रहती है और कभी मोबाइल नेटवर्क गायब रहता है। स्कूल की प्रिंसिपल अंजु रिषी का कहना है कि हम यह प्रयास करेंगे कि हमारे शिक्षक दोगुनी मेहनत कर बच्चों को पढ़ाएं ताकि उनका जो नुकसान हुआ है वह पूरा हो सके।
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