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अंतरराष्ट्रीय बाल मजदूरी विरोधी दिवस मनाया
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पुंछ। मंडी तहसील के नियंत्रण रेखा पर स्थित मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल सावजियां में अंतरराष्ट्रीय बाल मजदूरी विरोधी दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के नोडल अधिकारी सलीम ऋषि ने की, जबकि उप प्रधानाचार्य सरफराज अहमद मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर इस वर्ष के विषय बाल मजदूरी को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षकों ने कहा कि वैसे तो हर वर्ष 12 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल मजदूरी विरोध दिवस मनाया जाता है, परंतु 12 जून से एक सप्ताह तक इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि दुनियां भर में कम आय के देशों में करीब 84 मिलियन करीब 56 प्रतिशत बच्चे बाल मजदूरी से जीवन यापन कर रहे हैं।
इस अवसर पर रश्मि सूदन ने कहा कि 5 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विकासशील देशों कम आय वाले देशों में बाल मजदूरी से जुड़े हैं। वक्ताओं ने बच्चों को बाल मजदूरी के बजाय शिक्षा संस्थानों में पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश में 18 वर्ष आयु तक के लिए निशुल्क शिक्षा के साथ एक समय का भोजन भी सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। ऐसे में अगर समाज में इस बात को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए तो बाल मजदूरी को समाप्त किया जा सकता है।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के नोडल अधिकारी सलीम ऋषि ने की, जबकि उप प्रधानाचार्य सरफराज अहमद मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर इस वर्ष के विषय बाल मजदूरी को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षकों ने कहा कि वैसे तो हर वर्ष 12 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल मजदूरी विरोध दिवस मनाया जाता है, परंतु 12 जून से एक सप्ताह तक इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि दुनियां भर में कम आय के देशों में करीब 84 मिलियन करीब 56 प्रतिशत बच्चे बाल मजदूरी से जीवन यापन कर रहे हैं।
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इस अवसर पर रश्मि सूदन ने कहा कि 5 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विकासशील देशों कम आय वाले देशों में बाल मजदूरी से जुड़े हैं। वक्ताओं ने बच्चों को बाल मजदूरी के बजाय शिक्षा संस्थानों में पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश में 18 वर्ष आयु तक के लिए निशुल्क शिक्षा के साथ एक समय का भोजन भी सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। ऐसे में अगर समाज में इस बात को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए तो बाल मजदूरी को समाप्त किया जा सकता है।
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