पुंछ। नियंत्रण रेखा पर स्थित कृष्णा घाटी ब्रिगेड ने आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत वर्ष 2009 में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए जम्मू निवासी मेजर आकाश सिंह की याद में सोना गली क्षेत्र में एक कार्यक्रम किया। इसमें शहीद की पत्नी दीप्ती संबयाल और उनके पुत्र एवं पुत्री ने भाग लिया। सेना की तरफ से शहीद की याद में बनवाए गए स्मारक, उनके नाम पर एक चौकी का नाम किए जाने पर एक शहीद के नाम पर बनवाए गए एक ट्रैक का लोकार्पण शहीद की पत्नी से कराया।
सेना की तरफ से शहीद मेजर आकाश सिंह की पत्नी ने मेंढर स्थित नारी निकेतन की बच्चियों एवं विधवाओं में मिठाई एवं तोहफे भी वितरित किए। नारी निकेतन की बच्चियों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शहीद की पुत्री खुशी सिंह ने पिता के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि मुझे गर्व है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान देश की रक्षा को निभाते हुए बलिदान दिया। हालांकि उस समय मैं काफी छोटी थी, परंतु पिता की बहादुरी के किस्से सुन कर मुझे गर्व होता है। गौरतलब है कि 9 सितंबर 2009 को मेंढर में कृष्णा घाटी ब्रिगेड के अधीनस्थ बारहसिंगा बटालियन में नियंत्रण रेखा पर अग्रिम क्षेत्र में सेना की चौकी पर तैनात मेजर आकाश सिंह ने गश्त के दौरान आतंकियों के एक दल को फेंसिंग के काफी करीब घुसपैठ करते हुए देख कर उन्हें ललकारा जिस दौरान हुई मुठभेड़ में बड़ी बहादुरी का परिचय देते हुए दो आतंकियों को ढेर कर दिया, जबकि इस मुठभेड़ के दौरान एक आतंकी ने पीछे से गोलीबारी की और मेजर आकाश शहीद हो गए। उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।