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श्रीबुडडा अमर नाथ से श्रीदशनामियां आखाड़ा लोटी पवित्र छड़ी मुबारक,सम्मपन हुई इस वर्ष की यात्रा
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पुंछ नगर स्थित श्रीदशनामी अखाडा मंदिर के बहर पवित्र छडीमुबारक को सलामी देते पुलिस जवान
- फोटो : POONCH
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पुंछ। चार दिन बाद सोमवार को मंडी तहसील स्थित महाऋषि पुलस्त की तपस्थली श्री बूढ़ा अमरनाथ से भगवान भोलेनाथ और देवी पार्वती का प्रतीक पवित्र छड़ी मुबारक बैंडबाजों और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच राजगुरुगद्दी श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर पहुंच गई। इसके साथ ही इस वर्ष की श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा भी संपन्न हो गई।
सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार रक्षाबंधन के दूसरे दिन सुबह चार बजे राजगुरुगद्दी श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर के महंत महा मंडलेश्वर 1008 स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती महाराज और श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा मंदिर में भगवान भोले नाथ और पवित्र छड़ी का वैदिक मंत्रों से पूजन करने के बाद उसे मंदिर के बाहर लाया, जहां पुलिस की तरफ से छड़ी मुबारक को गार्ड आफ आनर्स दिया गया। इसके बाद छड़ी यात्रा साधु संतों के साथ श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर के लिए रवाना हुई। करीब आठ बजे छड़ी मुबारक श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर के बाहर पहुंची, जहां उपायुक्त इंद्र जीत, एसएसपी डॉक्टर विनोद कुमार और मंदिर समिति के सदस्यों ने छड़ी मुबारक का स्वागत किया।
मंदिर के मुख्य द्वार पर एक बार फिर पुलिस की तरफ से छड़ी मुबारक को सलामी दी गई। इसके बाद छड़ी को मंदिर में लाया गया, जहां आरती के बाद उसे अगले वर्ष तक स्वामी शंकरानंद पुरी महाराज की कुटिया में स्थापित कर दिया गया। इस अवसर पर इस वर्ष की श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा संपन्न होने के लिए सभी भक्तजनों को बधाई देते हुए स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती महाराज ने कहा कि कोरोना के चलते इस बार भी श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा केवल परंपरा को निभाने तक ही सीमित रही है। हम सब भगवान भोले नाथ से प्रार्थना करते हैं कि वह पूरे विश्व और भारत को कोरोना से छुटकारा दिलाएं ताकि अगले वर्ष श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा फिर से धूमधाम से आयोजित हो सके।
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सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार रक्षाबंधन के दूसरे दिन सुबह चार बजे राजगुरुगद्दी श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर के महंत महा मंडलेश्वर 1008 स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती महाराज और श्री बूढ़ा अमरनाथ मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा मंदिर में भगवान भोले नाथ और पवित्र छड़ी का वैदिक मंत्रों से पूजन करने के बाद उसे मंदिर के बाहर लाया, जहां पुलिस की तरफ से छड़ी मुबारक को गार्ड आफ आनर्स दिया गया। इसके बाद छड़ी यात्रा साधु संतों के साथ श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर के लिए रवाना हुई। करीब आठ बजे छड़ी मुबारक श्री दशनामी अखाड़ा मंदिर के बाहर पहुंची, जहां उपायुक्त इंद्र जीत, एसएसपी डॉक्टर विनोद कुमार और मंदिर समिति के सदस्यों ने छड़ी मुबारक का स्वागत किया।
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मंदिर के मुख्य द्वार पर एक बार फिर पुलिस की तरफ से छड़ी मुबारक को सलामी दी गई। इसके बाद छड़ी को मंदिर में लाया गया, जहां आरती के बाद उसे अगले वर्ष तक स्वामी शंकरानंद पुरी महाराज की कुटिया में स्थापित कर दिया गया। इस अवसर पर इस वर्ष की श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा संपन्न होने के लिए सभी भक्तजनों को बधाई देते हुए स्वामी विश्वात्मा नंद सरस्वती महाराज ने कहा कि कोरोना के चलते इस बार भी श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा केवल परंपरा को निभाने तक ही सीमित रही है। हम सब भगवान भोले नाथ से प्रार्थना करते हैं कि वह पूरे विश्व और भारत को कोरोना से छुटकारा दिलाएं ताकि अगले वर्ष श्री बूढ़ा अमरनाथ यात्रा फिर से धूमधाम से आयोजित हो सके।
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