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पुंछ जिले में सामने आए नए 31कोरोना संक्रमित,27हुए स्वास्थ,कुल संक्रमितों की संख्या 415 पहुंची
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राजोरी में कोरोना जांच करती स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : RAJOURI
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पुंछ। जिले में कोरोना संक्रमण ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का क्रम जारी रखा। इसके चलते सोमवार को जिले में कोरोना संक्रमण के करीब 31 नए मामले सामने आए। इनमें एक संक्रमित यात्रा से लौटा है। जबकि 30 लोग जिले में ही मौजूद रहने वालों से हैं।
इस बीच जिले में 27 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं। सामने आए नए कोरोना संक्रमण के मामलों के बाद जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 415 पहुंच गई है। उधर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना संक्रमण की जांच हेतु टेस्टिंग की प्रक्रिया को जारी रखा गया। इस बीच आज भी कोरोना की एहतियाती डोज और 15 से 18 वर्ष के लोगों का टीकाकरण अभियान जारी रहा। जिले में सामने आ रहे मामलों को देखते हुए उपायुक्त इंद्रजीत की तरफ से एक बार फिर जिले के लोगों का आह्वान किया गया कि वह कोरोना से बचाव के उपायों पर पूरी तरह अमल करें और बेवजह घरों से बाहर न निकलें और न ही भीड़भाड़ में जाएं।
राजोरी में एक डॉक्टर और तीन स्वास्थ्य कर्मियों सहित 53 नए संक्रमित
प्रशासन ने माइक्रो कंटेनमेंट जोन में आक्रामक परीक्षण शुरू किया
राजोरी। जिले में सोमवार को कोरोना संक्रमण के 53 नए मामले सामने आए हैं। इनमें तीन स्वास्थ्य कर्मी और एक डॉक्टर शामिल है।
मंजाकोट और दरहाल स्वास्थ्य ब्लॉकों में 6-6 लोगों को पॉजिटिव पाया गया है, जबकि सबसे अधिक मामले कालाकोट से 32, नौशेरा से चार, सुंदरबनी से दो और कंडी से तीन लोगों को पॉजिटिव पाया गया है। राजोेरी प्रशासन ने माइक्रो कंटेनमेंट जोन में आक्रामक परीक्षण शुरू किया। वहीं जिला प्रशासन ने कोविड-19 मामलों के प्रबंधन के लिए नियंत्रण रणनीति को और मजबूत करते हुए पॉजिटिव मामलों का जल्द पता लगाने के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन में सैंपलिंग अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त विकास कुंडल के निर्देश पर सैंपल कलेक्शन अभियान चलाया जा रहा है। सैंपल कलेक्शन प्रक्रिया में किसी भी देरी से बचने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के पास थोक में परीक्षण किट हैं। कोविड-19 संक्रमण के त्वरित रोकथाम के लिए अधिक लोगों के सैंपलिंग की आवश्यकता है। ताकि यह पहचाना जा सके कि कौन संक्रमित है। यह सुनिश्चित करने के लिए उन्हें ट्रैक करना कि वे बीमारी को और नहीं फैलाये और यह पता लगाया जाए कि वे किसके संपर्क में हैं।
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पॉजिटिव मामलों का जल्द पता लगाने के लिए सैंपलिंग के महत्व को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने इन क्षेत्रों में वायरस के संचरण की जांच करने के लिए आक्रामक परीक्षण करना शुरू कर दिया है। दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक जरूरतों को छोड़कर माइक्रोकंटेनमेंट जोन सख्त पाबंदी और तंग परिधि नियंत्रण में हैं। संबंधित टीमों द्वारा जोन के भीतर उचित घर-घर निगरानी की जा रही है, जबकि उक्त इलाकों में रहने वाले व्यक्तियों के लिए खुद को कोविड-19 के लिए परीक्षण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
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इस बीच जिले में 27 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं। सामने आए नए कोरोना संक्रमण के मामलों के बाद जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 415 पहुंच गई है। उधर जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना संक्रमण की जांच हेतु टेस्टिंग की प्रक्रिया को जारी रखा गया। इस बीच आज भी कोरोना की एहतियाती डोज और 15 से 18 वर्ष के लोगों का टीकाकरण अभियान जारी रहा। जिले में सामने आ रहे मामलों को देखते हुए उपायुक्त इंद्रजीत की तरफ से एक बार फिर जिले के लोगों का आह्वान किया गया कि वह कोरोना से बचाव के उपायों पर पूरी तरह अमल करें और बेवजह घरों से बाहर न निकलें और न ही भीड़भाड़ में जाएं।
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राजोरी में एक डॉक्टर और तीन स्वास्थ्य कर्मियों सहित 53 नए संक्रमित
प्रशासन ने माइक्रो कंटेनमेंट जोन में आक्रामक परीक्षण शुरू किया
राजोरी। जिले में सोमवार को कोरोना संक्रमण के 53 नए मामले सामने आए हैं। इनमें तीन स्वास्थ्य कर्मी और एक डॉक्टर शामिल है।
मंजाकोट और दरहाल स्वास्थ्य ब्लॉकों में 6-6 लोगों को पॉजिटिव पाया गया है, जबकि सबसे अधिक मामले कालाकोट से 32, नौशेरा से चार, सुंदरबनी से दो और कंडी से तीन लोगों को पॉजिटिव पाया गया है। राजोेरी प्रशासन ने माइक्रो कंटेनमेंट जोन में आक्रामक परीक्षण शुरू किया। वहीं जिला प्रशासन ने कोविड-19 मामलों के प्रबंधन के लिए नियंत्रण रणनीति को और मजबूत करते हुए पॉजिटिव मामलों का जल्द पता लगाने के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन में सैंपलिंग अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त विकास कुंडल के निर्देश पर सैंपल कलेक्शन अभियान चलाया जा रहा है। सैंपल कलेक्शन प्रक्रिया में किसी भी देरी से बचने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के पास थोक में परीक्षण किट हैं। कोविड-19 संक्रमण के त्वरित रोकथाम के लिए अधिक लोगों के सैंपलिंग की आवश्यकता है। ताकि यह पहचाना जा सके कि कौन संक्रमित है। यह सुनिश्चित करने के लिए उन्हें ट्रैक करना कि वे बीमारी को और नहीं फैलाये और यह पता लगाया जाए कि वे किसके संपर्क में हैं।
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पॉजिटिव मामलों का जल्द पता लगाने के लिए सैंपलिंग के महत्व को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने इन क्षेत्रों में वायरस के संचरण की जांच करने के लिए आक्रामक परीक्षण करना शुरू कर दिया है। दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक जरूरतों को छोड़कर माइक्रोकंटेनमेंट जोन सख्त पाबंदी और तंग परिधि नियंत्रण में हैं। संबंधित टीमों द्वारा जोन के भीतर उचित घर-घर निगरानी की जा रही है, जबकि उक्त इलाकों में रहने वाले व्यक्तियों के लिए खुद को कोविड-19 के लिए परीक्षण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।