बंटवारे को लेकर साथी साधुओं ने ही कर दी हत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक बाबा की हत्या कर उसके हाथ, पैर और सिर काट कर शव को तवी नदी के किनारे फेंक दिया गया। रविवार सुबह जब शव को लोगों ने देखा तो इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक बाबा को चिकना बाबा के नाम से जाना जाता था।
वह कुछ दिन पहले ही मादक पदार्थों की बिक्री के आरोप से कोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ था। इधर, पुलिस ने देर रात मामले को लगभग सुलझा लिया है। हत्या के आरोपियों की भी पहचान की ली गई है।
बाबा की हत्या कुल्हाड़ी से की गई थी जो पुलिस ने बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार बाबा की हत्या मादक पदार्थों की तस्करी के पैसे के बंटवारे को लेकर की गई।
लेन देन में हुई हत्या
सुबह जब कुछ लोगों ने पुल से तवी नदी के किनारे शव देखा तो वहां लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पाया कि शव के अंग काट दिए गए हैं। इस बीच, पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार चिकना बाबा मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था। उससे भारी मात्रा में खेप पकड़ी गई थी। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर रिहा हुआ और अन्य साथी साधुओं से मिला।
इन साधुओं ने उससे मादक पदार्थों की तस्करी से कमाए रुपयों को मांगा। रुपयों के लेनदेन के कारण साधुओं में झगड़ा हुआ। झगड़ा इतना बढ़ गया कि अन्य साथियों ने चिकना बाबा की बेरहमी से हत्या कर दी। उसके अंगों को काटकर तवी के बीच में फेंक दिया।
चार हुए गिरफ्तार
इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार साधुओं को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि केस को जल्द ही हल कर लिया जाएगा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर कुल्हाड़ी को बरामद कर लिया। कुल्हाड़ी पर खून के निशान भी मिले हैं।
गौरतलब है कि भगवती नगर क्षेत्र में जिस जगह पर चिकन बाबा की कुटिया थी, उस कुटिया के रास्ते ही अमरनाथ यात्रा के बेस कैंप का रास्ता है। इस जगह से मादक पदार्थ की बिक्री हो रही थी। नवाबाद थाना एसएचओ सतविंद्र सिंह ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
डॉग स्क्वायड ने निभाई भूमिका
मामले को हल करने में पुलिस की डाग स्क्वायड टीम ने बड़ी भूमिका निभाई। डॉग सूंघते हुए आगे बढ़े और घटनास्थल से पचास मीटर दूर साधुओं के बनाए घर तक पहुंचे।
डॉग साधुओं के आंगन में पहुंच गया और वहीं आसपास घूमने लगा। डॉग को फिर से घटनास्थल से छोड़ा तो वह दुबारा साधुओं के आंगन में पहुंच गया।
इससे पुलिस को साधुओं पर संदेह हुआ और चार साधुओं को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।