{"_id":"61ee7e7c177ee10ce06ef8a4","slug":"ladakh-three-idiots-rancho-school-awaiting-cbse-recognition-the-school-was-opened-21-years-ago","type":"story","status":"publish","title_hn":"लद्दाख: थ्री इडियट के रेंचो के स्कूल को सीबीएसई की मान्यता का इंतजार, 21 वर्ष पहले खोला गया था विद्यालय ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लद्दाख: थ्री इडियट के रेंचो के स्कूल को सीबीएसई की मान्यता का इंतजार, 21 वर्ष पहले खोला गया था विद्यालय
Mon, 24 Jan 2022 04:04 PM IST
विमल शर्मा
एजेंसी, लेह
एजेंसी, लेह
Published by: विमल शर्मा
Updated Mon, 24 Jan 2022 04:04 PM IST
सार
लद्दाख के लेह में स्थित स्कूल जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड से है संबद्ध। स्कूल जल्द से जल्द सीबीएसई से संबद्धता की प्रक्रिया को पूरा करवाने के प्रयास कर रहा है। सीबीएसई में संबद्धता के लिए संबंधित बोर्ड से एनओसी लेने की अनिवार्यता का नियम है।
विज्ञापन
rancho school
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म थ्री इडियट में मुख्य पात्र रेंचो का स्कूल सीबीएसई से संबद्ध होने के इंतजार में है। 21 साल पहले लद्दाख के लेह में खोले गए द्रुक पदमा कारपो स्कूल में थ्री इडियट फिल्म की शूटिंग हुई थी, जिसे आमिर खान के निभाए पात्र रेंचो द्वारा संचालित स्कूल दर्शाया गया था। वर्ष 2009 में थ्री इडियट फिल्म से मशहूर होने पर स्कूल को देखने के लिए देश-दुनिया से सैलानी पहुंचते हैं।
विज्ञापन
स्कूल की प्रिंसिपल मिंगूर अंगमो ने बताया कि लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बावजूद स्कूल जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध है। केंद्र शासित प्रदेश बनने के पूर्व से ही स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध करवाने के प्रयास जारी हैं।
विज्ञापन
अब जाकर संबंधित दस्तावेज मिले हैं। स्कूल जल्द से जल्द सीबीएसई से संबद्धता की प्रक्रिया को पूरा करवाने के प्रयास कर रहा है। सीबीएसई में संबद्धता के लिए संबंधित बोर्ड से एनओसी लेने की अनिवार्यता का नियम है।
विज्ञापन
प्रख्यात बुद्धिजीवी कारपो के नाम से है स्कूल
लद्दाख का यह प्रसिद्ध स्कूल प्रख्यात बुद्धिजीवी मिफम पेमा कारपो के नाम से है, जिन्हें लद्दाख में 1527 से 1592 के कालखंड की बड़ी हस्ती माना जाता है। स्कूल में उस दीवार को सबसे खास माना जाता है, जिसे थ्री इडियट में फिल्माया गया था।
यहां पर विद्यार्थियों को भोटी, अंग्रेजी और हिंदी भाषाओं में विज्ञान, सामाजिक अध्ययन, रचनात्मक कलाएं और खेल की शिक्षा दी जाती है। इसके अलावा स्कूल में विद्यार्थी जीवन कौशल, टीम वर्क, प्रस्तुतीकरण, नेतृत्व और समस्याओं के समाधान पर केंद्रित पाठ पढ़ते हैं।