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Kathua News: लकड़ी तस्कर बेखौफ, निशाने पर जंगल

Tue, 06 May 2025 01:24 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Tue, 06 May 2025 01:24 AM IST
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Wood smugglers are fearless, now they are targeting forests
हीरानगर। उपमंडल में लकड़ी तस्करों के हौसले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। पहले यह तस्कर निजी जमीनों से पेड़ों की चोरी कर रहे थे, लेकिन अब जंगलों पर भी अपने कटर चलना शुरू कर दिए हैं। मढ़ीन तहसील के कंडी क्षेत्रीय गांव बन में रविवार को लकड़ी तस्करों ने खैर के 6 पेड़ों को काट दिया। इनमें से दो निजी जमीन से, जबकि चार वन विभाग की भूमि से काटे गए। तस्करों के बढ़ते हौसले से इलाके के लोगों में दहशत का माहौल बन गया है और लोगों का कहना है कि अगर तस्कर इस इलाके से बेखौफ होकर लकड़ी काटकर ले जा सकते हैं तो किसी बड़ी घटना को भी अंजाम दे सकते हैं। लोगों में वन विभाग के प्रति भारी रोष है। उनका कहना है कि विभाग की मिलीभगत से ही यह सब हो रहा है।
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बता दें कि पिछले एक महीने में करीब आधा दर्जन के करीब खैर चोरी के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक चोरों पर कोई कार्रवाई होती नहीं दिखी है। यहां तक की हीरानगर के विधायक विजय शर्मा ने विधानसभा में भी लकड़ी तस्करी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। इसके बावजूद सरकार इस पर लगाम लगाने में अब तक असफल साबित हो रही है।
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सुबह जब वह देवस्थान पर माथा टेकने गए तो देखा कि वहां खैर के कई पेड़ कटे हुए थे। इसके बाद संबंधित विभाग को जानकारी भी दी। इस घटना के बाद से लोगों में डर का माहौल बन गया है कि कहीं खैर तस्कर इलाके के बाकी पेड़ों को भी काट कर न ले जाएं। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

पवन, स्थानीय निवासी
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वन विभाग की मिलीभगत से यह काम हो रहा है। अगर गांव के लोग मंदिर में भंडारे के लिए सूखी लकड़ी लेने जंगल भी जाते हैं तो विभाग के कर्मचारी तुरंत पहुंच जाते हैं। मगर तस्कर हरे-भरे पेड़ों को काटकर आसानी से लकड़ी ले जाते हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।
बादल सिंह, स्थानीय निवासी

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कोट

बन में कुल 6 खैर के पेड़ों की कटाई हुई है। इनमें से दो निजी जमीन और चार वन भूमि से कटे हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गई है और जांच शुरू हो गई है। जिसने भी यह काम किया है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मुनीष गुप्ता, रेंज ऑफिसर, वन विभाग
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