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शिक्षिका ने चार साल में लीं 813 छुट्टियां
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Tue, 27 Sep 2016 01:17 AM IST
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दूरदराज इलाके में तहसीलदार ने सोमवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौड़ान कई अजीब तरह की अनियमितता का खुलासा हुआ। एक शिक्षिका का रिकार्ड जांचने पर पता चला कि वह चार साल में 813 छुट्टियां ले चुकी थीं। जबकि सियालग-ए के आंगनबाड़ी सेंटर पर ताला लटका मिला।
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सियालग और पीकड़ में गिरदावरी के लिए गए तहसीलदार ने विभिन्न सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। पीकड़ के प्राइमरी स्कूल में एक शिक्षिक ही मौजूद मिला। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में एक अन्य शिक्षिका की पोस्टिंग की बात भी सामने आई है, लेकिन हैरत की बात यह थी कि शिक्षिका साल 2012 के बाद से 813 दिन स्कूल से नदारद थीं।
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इसका खुलासा तब हुआ जब स्कूल में मौजूद एकमात्र शिक्षक ने अधिकारियों को लिखित में जवाब दिया। इस संबंध में तहसीलदार बसोहली जय सिंह ने बताया कि प्राइमरी स्कूल पीकड़ की रजिस्टर में अनियमितताएं पाई गईं। शिक्षिका के इतने दिनों तक गैरहाजिर रहने पर जोनल शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। इसके अलावा सियालग-ए के आंगनबाड़ी सेंटर पर ग्रामीणों ने बताया कि महीनों से यह सेंटर खुला ही नहीं है।
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यहां बच्चों को कोई सुविधाएं भी नहीं दी जा रही है। उधर, प्राइमरी हेल्थ सेंटर सियालग से भी स्टाफ नदारद पाया गया। इस संबंध में तहसीलदार ने आईसीडीएस अधिकारी को जहां आंगनबाड़ी सेंटर में तैनात स्टाफ को डिस एंगेज करने की सिफारिश की है।
बीएमओ बसोहली को भी प्राइमरी हेल्थ सेंटर में स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस दौरान आसपास के आंगनबाड़ी सेंटरों और स्कूलों का भी निरीक्षण किया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले तहसीलदार बसोहली ने हट्ट दौरे के दौरान भी एक स्कूल पर ताला लगा हुआ पाया था।
शिक्षिका की छुट्टियों का मामला मुख्य शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में ला दिया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिला शिक्षिकाओं के लिए दो साल की चाइल्ड केयर लीव का प्रावधान रखा है। लेकिन उसने इसके लिए भी आवेदन नहीं दिया। शिक्षिका का वेतन रोक
दिया जाएगा।
-तरसेम लाल, जोनल शिक्षा अधिकारी, बसोहली