हीरानगर। कंडी क्षेत्र के गांव सेड में लोग आज भी बिजली, पानी, गली और सीवर लाइन जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। लोगों का कहना है कि उनके गांव में आज भी टूटे-फूटे खंभों पर बिजली के तार लटक रहे हैं। पुराने जमाने में पत्थरों से बनी गलियों में गिरते-संभलते चलने को लोग मजबूर हैं।
वार्ड 6 के पंच रमेश कुमार ने कहा कि सरकार ग्रामीण इलाकों में विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन हमारे गांव में सरकार के दावों की पोल खुलती है। 70 वर्षों बाद भी गांव में कुछ नहीं बदला है। बिजली के पुराने खंभों पर लटकते तार से हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है। गलियों की हालत इस कदर खराब है कि बुजुर्गों का चलना मुहाल है। पानी की आपूर्ति भी नियमित नहीं है। विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कंडी इलाके के ज्यादातर गांव के यही हालात हैं। कमलेश कुमारी ने कहा कि आज भी मीलों सफर तय कर पानी लाना पड़ता है। गांव में सप्ताह में एक या दो बार ही पानी की आपूर्ति होती है।