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फिर गोलाबारी की भेंट चढ़ीं त्योहार की तैयारियां

Fri, 28 Oct 2016 01:11 AM IST
kathua
kathua Updated Fri, 28 Oct 2016 01:11 AM IST
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The shelling killed at the festival preparations
border - फोटो : PTI

फसलों की कटाई और दिवाली की तैयारी के समय में सरहदी इलाकों में दहशत का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास के दर्जनों गांवों में भीषण गोलाबारी के बाद एक साल पुराना दर्द ताजा हो गया है। बीते वर्ष भी इसी तरह से पाकिस्तान ने सरहदी इलाकों में जमकर गोले बरसाए थे। तब महिलाओं को  राहत शिविरों में करवाचौथ मनाना पड़ा था। इस बार भी हालात ऐसे  ही हैं। जीरो लाइन के तमाम गांवों से ग्रामीणों को अलग-अलग राहत शिविरों में शिफ्ट करने की कवायद शुरू हो गई है।

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त्योहारी सीजन में घरों से बेघर हुए ग्रामीणों की अब घर वापसी कब होगी, किसी को पता नहीं है। पाकिस्तान की गोलाबारी से बचाने के लिए इस बार प्रशासन ने एहतियातन ग्रामीणों को दो बार सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट करवाया है। खरीफ सीजन की कटाई का समय भी गोलाबारी की भेंट चढ़ रहा है। तैयार फसलें कहीं कटाई का इंतजार कर रही हैं, तो कहीं कटने के बावजूद खेतों में पड़ी हैं। सीमावर्ती गांव के रहने वाले सुभाष सिंह और अशोक सिंह ने बताया कि गांव की तीन सौ एकड़ भूमि पर फसल प्रभावित हो रही है।
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पिछले वर्ष भी कटाई के सीजन में ही पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। नतीजतन किसानों को व्यापक नुकसान उठाना पड़ा। इस बार भी हालात वैसे ही बन गए हैं। यहां पर उल्लेखनीय है कि बीस हजार कनाल से अधिक कृषि भूमि तारबंदी के उस पार है, जबकि गोलाबारी की रेंज में आने वाली भूमि इससे भी अधिक है। इतने बड़े पैमाने पर कटाई का सीजन प्रभावित होने से किसानों की कमर टूट जाती है।

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