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वाहनों में ओवरलोडिंग से हादसों का खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Thu, 13 Nov 2014 03:54 PM IST
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शहर के विभिन्न इलाकों में वाहनों में ओवरलोडिंग धड़ल्ले से जारी है। वर्तमान में शहर के विभिन्न लिंक मार्गों पर ओवरलोडिंग से लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि वाहन चालक बिना किसी की परवाह किए अधिक से अधिक संख्या में सवारी को बिठाने का प्रयास करते हैं।
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स्थानीय राजेश, अमित, रमन, जोग राज, देव सिंह, राजकुमार, अली सागर आदि ने बताया कि हटली, जंगलोट, नगरी, जराई आदि स्थानों को जाने वाले वाहनों में सवारियों को सीटों से अधिक की संख्या में बिठाया जाता है।
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चालक अधिक पैसा कमाने के चक्कर में किसी की जान की परवाह भी नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग वाहनों को ओवरलोड देखकर भी अनदेखा कर देते हैं।
ऐसे में वाहन चालकों के हौसले भी बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर ओवरलोडिंग स्कूल के समय होती है। ऐसे में विद्यार्थी वाहनों के पीछे लटक कर और छत पर बैठ कर ही आते जाते हैं।
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मिनी बसों के साथ साथ आटो में भी सवारियों का जमावड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों का एक मुख्य कारण ओवर लोडिंग है। लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। उन्होंने प्रशासन व विभाग से मांग की है कि जल्द ही ओवरलोडिंग के खिलाफ मुिहम चलाई जाए जिससे लोगाें और विद्यार्थियों को इस समस्या से निजात मिल सके।
इस संबंध में ट्रैफिक इंसपेक्टर नजीर डार ने कहा कि संपर्क मार्गों पर नाके लगाने के साथ साथ हाईवे पर इंटरसेप्टर वाहन से नियमों के उल्लंघन को पकड़ा जा रहा है।
इस संबंध में आरटीओ से भी संपर्क किया गया है। संपर्क मार्गों पर ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।