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रिफ्यूजियों ने हक के लिए भरी हुंकार

Tue, 07 Mar 2017 01:30 AM IST
kathua
kathua Updated Tue, 07 Mar 2017 01:30 AM IST
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The right for refugees filled shout
प्रदर्शन - फोटो : file

मूवमेंट फार जस्टिस फार 1947 पीओके रिफ्यूजियों द्वारा सोमवार को वन टाइम सेटलमेंट की राशि न मिलने के विरोध में जिला सचिवालय के बाहर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादे को राज्य सरकार पूरा नहीं कर रही है। ऐसे में बार-बार अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों में शामिल मूवमेंट के जिला महासचिव भूषण शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एक परिवार को तीस लाख रुपये बतौर वन टाइम सेटलमेंट के लिए दिए जाने थे। लेकिन, राज्य सरकार की रिफ्यूजी विरोधी रवैये के चलते राशि साढ़े पांच लाख रुपये कर दी है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से वह संघर्ष करते आ रहे हैं और उस समय का एक कुनबा अब दस कुनबों में बंट चुका है।

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साढ़े पांच लाख रुपये की राशि के हिसाब से एक कुनबे को केवल पचपन हजार रुपये ही मिलेेंगे। ऐसे में केंद्र सरकार से उनकी मांग है कि वन टाइम सेटलमेंट के हिसाब से तीस लाख की राशि एक कुनबे को जारी की जाए। उन्होंने कहा कि बंटवारे का दुख सबसे अधिक रिफ्यूजियों को सहना पड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सब कुछ गवंा कर किसी तरह खुद का अस्तित्व बचा कर रखा हुआ है। लेकिन राज्य व देश की सरकारों ने वादों के सिवा उन्हें कुछ नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि वह सरकार के रिफ्यूजी विरोधी रवैया का पूरी तरह से विरोध करते है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो वह सड़क पर उतर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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