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Kathua News: ढग्गर में गूंजे ज्वाला माता के जयकारे
Tue, 19 Aug 2025 01:19 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 19 Aug 2025 01:19 AM IST
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बनी के ढग्गर में ज्वाला माता की वार्षिक यात्रा के दौरान जलाई गई ज्योतिजागरूक पाठक
कठुआ। बनी के दूरदराज ढग्गर इलाके में तड़के पूरा इलाका मां ज्वाला के जयकारों से गूंज उठा। पारंपरिक ढोल और बांसुरी की धुन पर श्रद्धालु रातभर झूमते हुए मां का गुणगान करते रहे। दूरदराज के पहाड़ों पर मशाल ऐसे जल रही थीं मानो किसी ने एक बड़ी ज्योति प्रज्ज्वलित की हो। मां ज्वाला के तीनों मंदिरों की परिक्रमा और फिर एक साथ मशाल को जलाकर उठे अंगार के बीच से गुजरे मंदिर के पुजारी ने लोगों को अचंभित कर दिया। इसी के साथ बनी के ढग्गर में ज्वाला मां की वार्षिक यात्रा संपन्न हो गई। क्षेत्र की सुख समृद्धि और मां ज्वाला की कृपा क्षेत्र के लोगों पर बनी रहे इसी की कामना लिए सैकड़ों भक्त यात्रा में शामिल हुए। बारिश के बीच भी भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों की मानें तो ढग्गर के ज्वाला मां मंदिर की मान्यता हिमाचल के ज्वालाजी धाम से जुड़ी है। यहीं से लाकर मां की मूर्ति ढग्गर में स्थापित की गई थी। लोगों ने बताया कि सदियों से गांव में ज्वाला मां की पूजा होती है और क्षेत्र के लोग हर साल यात्रा निकालते हैं। इसमें रात के समय लोग घरों से मशाल लेकर मां के जयकारे लगाते हुए मंदिर प्रांगण में एकत्र होते हैं। सभी मंदिरों की परिक्रमा के उपरांत भक्तों की मशाल एक जगह पर दहन की जाती है। इससे निकलते अंगारों से पुजारी पैदल सकुशल बाहर निकलते हैं।
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स्थानीय लोगों की मानें तो ढग्गर के ज्वाला मां मंदिर की मान्यता हिमाचल के ज्वालाजी धाम से जुड़ी है। यहीं से लाकर मां की मूर्ति ढग्गर में स्थापित की गई थी। लोगों ने बताया कि सदियों से गांव में ज्वाला मां की पूजा होती है और क्षेत्र के लोग हर साल यात्रा निकालते हैं। इसमें रात के समय लोग घरों से मशाल लेकर मां के जयकारे लगाते हुए मंदिर प्रांगण में एकत्र होते हैं। सभी मंदिरों की परिक्रमा के उपरांत भक्तों की मशाल एक जगह पर दहन की जाती है। इससे निकलते अंगारों से पुजारी पैदल सकुशल बाहर निकलते हैं।
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