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Kathua News: ग्राहकों को पसंद आ रहे पारंपरिक मिट्टी के बर्तन

Tue, 06 May 2025 01:35 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ Updated Tue, 06 May 2025 01:35 AM IST
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The changed form of traditional earthen pots is pleasing to the customers
कठुआ में मिट्टी के बर्तनों के माॅडल दिखाते हुए दुकानदार। संवाद - फोटो : kathua
- गुजरात से आने वाले मिट्टी के बर्तन और खिलौने कठुआ के कुम्हारों के रोजगार में डाल रहे जान
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- लगभग ठप हो चुके कारोबार में अब 60 प्रतिशत तक बढ़ चुका है कारोबार

कठुआ। एक समय पूरी तरह से ठप हो चुका मिट्टी के बर्तनों का कारोबार एक बार फिर से नई ऊंचाइयों को छू रहा है और इसका श्रेय गुजरात से आने वाले आधुनिक डिजाइनों और बढ़ती जागरूकता को जाता है। वह कठुआ के कुम्हारों के लिए यह बदलाव एक नई उम्मीद लेकर आया है।
गुजरात से आने वाले मिट्टी के बर्तन और खिलौने स्थानीय बाजार में जान फूंक रहे हैं, जो पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों को अब आधुनिक डिजाइनों में ढाला जा रहा है, जिससे वे ग्राहकों को अधिक आकर्षित कर रहे हैं। प्लास्टिक और धातु के बर्तनों की तुलना में मिट्टी के बर्तन अधिक स्वास्थ्यवर्धक और पर्यावरण के अनुकूल माने जा रहे हैं। इसमें रोटी सेंकने का तवा, पानी पीने के गिलास, कप, कटोरी, कढ़ाई, पानी की बोतल और जग जैसे उत्पाद ग्राहकों को खूब पसंद आ रहे हैं। इस तरह के बर्तनों की मांग के कारण स्थानीय कुम्हारों जो इस कारोबार से अलग हो चुके थे। अब वह इन्हें बेचने में ज्यादा रूचि ले रहे है, जिससे उनकी आय में सुधार हो रहा है।
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मिट्टी के बर्तन के कारोबार से जुड़े कमल कुमार ने बताया कि इस तरह के बर्तनों की शुरुआत वाटर कूलर के साथ हुई थी, जो आज 200 से 500 तक कीमत में उपलब्ध है। समय के साथ रसोई में इस्तेमाल होने वाले अन्य बर्तन में बाजार में आ चुके हैं। इसमें रोटी सेंकने के लिए इस्तेमाल होने वाला तवा 100 रुपये, पानी पीने के लिए 6 गिलास का सेट 250 रुपये में, कप 220 रुपये, कटोरी 200 रुपये, कढ़ाई 250 रुपये, पानी की बोतल 220 और जग 180 में उपलब्ध है। यह ग्राहकों को काफी भा रहा है, जिससे एक समय पूरी ठप हो चुका कारोबार फिर चल पड़ा है। मौजूदा समय में इसमें 60 प्रतिशत कारोबार इन बर्तनाें और मिट्टी से बने आकर्षक खिलौने का है। संवाद
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