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Kathua News: जल शक्ति विभाग के 45 हजार अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करे सरकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जल शक्ति विभाग में अपनी सेवाएं देने वाले अस्थायी कर्मचारियों ने सरकार से उन्हें नियमित करने की मांग दोहराई है। सोमवार को विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय परिसर में अस्थायी कर्मचारियों ने पीएचसी यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले नारेबाजी की।
उन्होंने सरकार से उन्हें जल्द नियमित किए जाने के लिए नीति की घोषणा करने की मांग की। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे जिला प्रधान गगनदीप सिंह ने रोष जताया कि सरकार उनकी सेवाएं तो ले रही है, लेकिन नियमित करने के लिए आज तक कोई नीति नहीं बनाई। उनके दर्जनों साथी इसी इंतजार में सेवानिवृत होकर खाली हाथ घर लौट चुके हैं। वहीं उन्होंने उन संगठनों को घेरते हुए कहा कि सरकार तक डेढ़ लाख से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों की सूची पहुंचने वाले संगठन असल में उनके दुश्मन है। क्योंकि वे जानते हैं कि सरकार इतने कर्मचारियों को एक साथ नियमित नहीं कर सकती जबकि उनकी वास्तविक संख्या 45 हजार के करीब है।
उन्होंने सरकार से इन 45 हजार कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग की। वहीं, पुष्प कुमार ने मुख्यमंत्री से अस्थायी कर्मचारियों की सुध लेने की मांग करते हुए कहा कि नई सरकार से उन्हें बहुत उम्मीदें हैं। इससे पहले भी नेकां सरकार जम्मू-कश्मीर में रोजगार देने के मामले में अग्रणी रही है। शक्ति सिंह ने दस्तावेजी प्रक्रिया को पूरा करने वाले इंप्रेस्ड वर्करों को भी अस्थायी कर्मचारी की श्रेणी में रखने की मांग दोहराई। इस मौके पर शक्ति सिंह, जयदेव, पुरुषोत्तम पाल, दीपक राज, शकील अहमद, पवन सिंह, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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कठुआ। जल शक्ति विभाग में अपनी सेवाएं देने वाले अस्थायी कर्मचारियों ने सरकार से उन्हें नियमित करने की मांग दोहराई है। सोमवार को विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय परिसर में अस्थायी कर्मचारियों ने पीएचसी यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले नारेबाजी की।
उन्होंने सरकार से उन्हें जल्द नियमित किए जाने के लिए नीति की घोषणा करने की मांग की। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे जिला प्रधान गगनदीप सिंह ने रोष जताया कि सरकार उनकी सेवाएं तो ले रही है, लेकिन नियमित करने के लिए आज तक कोई नीति नहीं बनाई। उनके दर्जनों साथी इसी इंतजार में सेवानिवृत होकर खाली हाथ घर लौट चुके हैं। वहीं उन्होंने उन संगठनों को घेरते हुए कहा कि सरकार तक डेढ़ लाख से ज्यादा अस्थायी कर्मचारियों की सूची पहुंचने वाले संगठन असल में उनके दुश्मन है। क्योंकि वे जानते हैं कि सरकार इतने कर्मचारियों को एक साथ नियमित नहीं कर सकती जबकि उनकी वास्तविक संख्या 45 हजार के करीब है।
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उन्होंने सरकार से इन 45 हजार कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग की। वहीं, पुष्प कुमार ने मुख्यमंत्री से अस्थायी कर्मचारियों की सुध लेने की मांग करते हुए कहा कि नई सरकार से उन्हें बहुत उम्मीदें हैं। इससे पहले भी नेकां सरकार जम्मू-कश्मीर में रोजगार देने के मामले में अग्रणी रही है। शक्ति सिंह ने दस्तावेजी प्रक्रिया को पूरा करने वाले इंप्रेस्ड वर्करों को भी अस्थायी कर्मचारी की श्रेणी में रखने की मांग दोहराई। इस मौके पर शक्ति सिंह, जयदेव, पुरुषोत्तम पाल, दीपक राज, शकील अहमद, पवन सिंह, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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