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48 घंटे की हड़ताल का आह्वान
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कठुआ/रामकोट। लंबित मांगों को लेकर जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने 22 से 24 जून तक हड़ताल पर जाने का आह्वान किया गया है। इससे विभिन्न इलाकों में पेयजल संकट गहराने की आशंका है।
जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने मंगलवार को सेक्शन हेड क्वार्टर बसंतर पुल में बैठक की। इस दौरान कर्मियों ने यूनाइटेड फ्रंट जम्मू के आह्वान पर 22 जून की शाम आठ बजे से 24 जून शाम आठ बजे तक काम छोड़ हड़ताल की घोषणा की। बैठक की अध्यक्षता विक्रम मगोत्रा ने की। उन्होंने सभी अस्थायी कर्मियों से हड़ताल को सफल बनाने के लिए सहयोग मांगा।
यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य पुरुषोत्तम कुमार और उत्तम चंद ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को हर बार दरकिनार कर रही है। इस कारण एक बार फिर से यह कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द कर्मियों को एसआरओ 64 के तहत नियमित किया जाए। अस्थायी कर्मियों को जल्द 70 माह का बकाया वेतन दिया जाए। जिन कर्मियों की नौकरी के दौरान मृत्यु हुई है, उनके परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए।
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केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में भी सभी अस्थायी कर्मियों के लिए एक समान वेतन रखा जाए। सभी सेवानिवृत्त होने वाले या हो चुके कर्मियों को 10 लाख रुपये विशेष मदद और रिटायरमेंट पॉलिसी बनाई जाए। सब डिवीजन बिलावर के चेयरमैन मोहिंदर कुमार ने कहा कि यदि सरकार अस्थायी कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं कर पाई, तो स्थायी कर्मचारी भी उनकी हड़ताल का समर्थन करेंगे।
मोहिंदर सिंह मनकोटिया ने कहा कि यदि सरकार इन मांगों को पूरा नहीं कर पाई तो अनिश्चितकालीन काम छोड़ हड़ताल पर चले जाएंगे। बैठक में वीरपाल, राजकुमार, बलबीर चंद, कमल किशोर, सुशील कुमार, रघुनंदन, रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने मंगलवार को सेक्शन हेड क्वार्टर बसंतर पुल में बैठक की। इस दौरान कर्मियों ने यूनाइटेड फ्रंट जम्मू के आह्वान पर 22 जून की शाम आठ बजे से 24 जून शाम आठ बजे तक काम छोड़ हड़ताल की घोषणा की। बैठक की अध्यक्षता विक्रम मगोत्रा ने की। उन्होंने सभी अस्थायी कर्मियों से हड़ताल को सफल बनाने के लिए सहयोग मांगा।
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यूनाइटेड फ्रंट के सदस्य पुरुषोत्तम कुमार और उत्तम चंद ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को हर बार दरकिनार कर रही है। इस कारण एक बार फिर से यह कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द कर्मियों को एसआरओ 64 के तहत नियमित किया जाए। अस्थायी कर्मियों को जल्द 70 माह का बकाया वेतन दिया जाए। जिन कर्मियों की नौकरी के दौरान मृत्यु हुई है, उनके परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए।
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केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में भी सभी अस्थायी कर्मियों के लिए एक समान वेतन रखा जाए। सभी सेवानिवृत्त होने वाले या हो चुके कर्मियों को 10 लाख रुपये विशेष मदद और रिटायरमेंट पॉलिसी बनाई जाए। सब डिवीजन बिलावर के चेयरमैन मोहिंदर कुमार ने कहा कि यदि सरकार अस्थायी कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं कर पाई, तो स्थायी कर्मचारी भी उनकी हड़ताल का समर्थन करेंगे।
मोहिंदर सिंह मनकोटिया ने कहा कि यदि सरकार इन मांगों को पूरा नहीं कर पाई तो अनिश्चितकालीन काम छोड़ हड़ताल पर चले जाएंगे। बैठक में वीरपाल, राजकुमार, बलबीर चंद, कमल किशोर, सुशील कुमार, रघुनंदन, रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।