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वजीर हत्याकांड: थमे रहे यात्री वाहनों के पहिये
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर कालीबड़ी में राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों का सहारा लेते यात्री, संवाद।
- फोटो : KATHUA
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कठुआ। ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष त्रिलोचल सिंह वजीर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में यूनियन की ओर से की गई एक दिवसीय हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। जिले के अधिकांश हिस्सों में यात्री वाहन नहीं चले, जिससे यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जम्मू-कठुआ, कठुआ-बिलावर, कठुआ बसोहली, कठुआ-बनी और अन्य सभी मार्गों पर भी यात्री वाहन सड़कों पर नहीं उतरे। यूनियन के सदस्यों ने मांग की है कि वजीर की हत्या मामले में एसआईटी का गठन किया जाए और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उधर, यात्री वाहनों के सड़क पर न उतरने से सुबह से ही नौकरी पेशा लोगों के अलावा जरूरी काम से आने जाने वाले लोग भी परेशान होते दिखाई दिए।
कालीबड़ी चौक पर एसआरटीसी बसों के इंतजार में लोग घंटों खड़े रहे। वहीं, वाहन रुकने के बाद उनमें भारी भीड़ देखी गई। हालांकि, लिंक मार्गों पर मिनी बसें और ऑटो रिक्शा पहले की तरह ही चलते नजर आए। यूनियन के सदस्यों ने कहा कि वजीर यूनियन की रीढ़ थे। उनके जाने से यूनियन को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी।
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जम्मू-कठुआ, कठुआ-बिलावर, कठुआ बसोहली, कठुआ-बनी और अन्य सभी मार्गों पर भी यात्री वाहन सड़कों पर नहीं उतरे। यूनियन के सदस्यों ने मांग की है कि वजीर की हत्या मामले में एसआईटी का गठन किया जाए और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उधर, यात्री वाहनों के सड़क पर न उतरने से सुबह से ही नौकरी पेशा लोगों के अलावा जरूरी काम से आने जाने वाले लोग भी परेशान होते दिखाई दिए।
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कालीबड़ी चौक पर एसआरटीसी बसों के इंतजार में लोग घंटों खड़े रहे। वहीं, वाहन रुकने के बाद उनमें भारी भीड़ देखी गई। हालांकि, लिंक मार्गों पर मिनी बसें और ऑटो रिक्शा पहले की तरह ही चलते नजर आए। यूनियन के सदस्यों ने कहा कि वजीर यूनियन की रीढ़ थे। उनके जाने से यूनियन को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी।
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