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Kathua News: कठुआ में इस बार 35 फीट के होंगे रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। दशहरा उत्सव को बेहतर और आकर्षक बनाने के लिए कठुआ में तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार दशहरा मैदान में रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों को तैयार कर लिया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार पुतलों की ऊंचाई सीमित रखी गई है। तीनों पुतले करीब 35 फीट ऊंचे होंगे।
आयोजन से जुड़े सदस्यों के अनुसार, पहले पुतलों को काफी ऊंचा बनाया जाता था, लेकिन दशहरा उत्सव के दौरान उमड़ने वाली भीड़ और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को देखते हुए इस बार इनकी ऊंचाई कम रखने का फैसला किया गया है। इसका उद्देश्य उत्सव को आकर्षक बनाने के साथ किसी भी तरह के जोखिम से बचना है। पिछले वर्ष पुतले के ऊपरी हिस्से में आग ठीक से नहीं पकड़ने जैसी समस्या भी सामने आई थी।
श्री राम नाटक सभा कठुआ के निर्देशक नीरज सिंह बिलौरिया ने बताया कि तीनों पुतलों को बनाने पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा दशहरा कार्यक्रम के आयोजन पर हर साल करीब चार से पांच लाख रुपये का खर्च आता है। इस बार पुतलों को पहले से अधिक आकर्षक बनाने के लिए इनके बाहरी कवर में भी बदलाव किया गया है। पहले पुतलों पर कागज लगाया जाता था, लेकिन इस बार कारीगर कपड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इससे पुतलों का बाहरी स्वरूप अधिक वास्तविक और आकर्षक दिखाई देगा।
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पुतले तैयार करने के लिए पंजाब के सुजानपुर से आए कारीगर गणेश दास ने बताया कि वीरवार काे बारिश के कारण उनके सहयोगी कारीगरों का कठुआ पहुंचने का कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। शुक्रवार से पुतलों को अंतिम रूप देने का काम शुरू किया जाएगा। ताकि दशहरा उत्सव के दौरान पुतलों का दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को और आकर्षक पुतले देखने को मिले।
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कठुआ। दशहरा उत्सव को बेहतर और आकर्षक बनाने के लिए कठुआ में तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार दशहरा मैदान में रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों को तैयार कर लिया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार पुतलों की ऊंचाई सीमित रखी गई है। तीनों पुतले करीब 35 फीट ऊंचे होंगे।
आयोजन से जुड़े सदस्यों के अनुसार, पहले पुतलों को काफी ऊंचा बनाया जाता था, लेकिन दशहरा उत्सव के दौरान उमड़ने वाली भीड़ और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को देखते हुए इस बार इनकी ऊंचाई कम रखने का फैसला किया गया है। इसका उद्देश्य उत्सव को आकर्षक बनाने के साथ किसी भी तरह के जोखिम से बचना है। पिछले वर्ष पुतले के ऊपरी हिस्से में आग ठीक से नहीं पकड़ने जैसी समस्या भी सामने आई थी।
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श्री राम नाटक सभा कठुआ के निर्देशक नीरज सिंह बिलौरिया ने बताया कि तीनों पुतलों को बनाने पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा दशहरा कार्यक्रम के आयोजन पर हर साल करीब चार से पांच लाख रुपये का खर्च आता है। इस बार पुतलों को पहले से अधिक आकर्षक बनाने के लिए इनके बाहरी कवर में भी बदलाव किया गया है। पहले पुतलों पर कागज लगाया जाता था, लेकिन इस बार कारीगर कपड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, इससे पुतलों का बाहरी स्वरूप अधिक वास्तविक और आकर्षक दिखाई देगा।
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पुतले तैयार करने के लिए पंजाब के सुजानपुर से आए कारीगर गणेश दास ने बताया कि वीरवार काे बारिश के कारण उनके सहयोगी कारीगरों का कठुआ पहुंचने का कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। शुक्रवार से पुतलों को अंतिम रूप देने का काम शुरू किया जाएगा। ताकि दशहरा उत्सव के दौरान पुतलों का दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को और आकर्षक पुतले देखने को मिले।