{"_id":"61ec645e20ecf0434e4ce940","slug":"rain-kathua-news-jmu252426789","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेतों में भरा पानी, किसान फसल को लेकर चिंतित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेतों में भरा पानी, किसान फसल को लेकर चिंतित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलावर। उपमंडल में तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे खेतों में पानी भरना शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि खेतों में अधिक पानी होने पर फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
किसान प्रमोद कुमार, सतीश सिंह, कमलेश कुमार, जीवन सिंह, पुरुषोत्तम कुमार और अन्य किसानों ने कहा कि लगातार बारिश से खेतों में लगी फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इन दिनों बारिश का पानी खेतों में भर गया है। यह गेहूं की फसल के ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है।
किसानों ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए तेज धूप की जरूरत है। लेकिन मौसम की बेरुखी के कारण चिंता होने लगी है। किसानों ने कहा कि अक्टूबर में हुई मूसलाधार बारिश से पहले ही धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। किसानों ने कहा कि ज्यादातर इलाके में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। केवल बारिश पर फसलें उगाने के लिए निर्भर हैं।
विज्ञापन
मौसम अनुकूल रहने पर पैदावार अच्छी हो जाती है। लेकिन बेमौसम बरसात और आंधी तूफान के साथ ओलावृष्टि से नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। पहले बर्बाद हुई धान की फसल का सरकार की ओर से आकलन किया गया था। लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिला है। इस संबंध में किसानों ने उप राज्यपाल से संज्ञान लेने की अपील की है।
विज्ञापन
किसान प्रमोद कुमार, सतीश सिंह, कमलेश कुमार, जीवन सिंह, पुरुषोत्तम कुमार और अन्य किसानों ने कहा कि लगातार बारिश से खेतों में लगी फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इन दिनों बारिश का पानी खेतों में भर गया है। यह गेहूं की फसल के ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है।
विज्ञापन
किसानों ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए तेज धूप की जरूरत है। लेकिन मौसम की बेरुखी के कारण चिंता होने लगी है। किसानों ने कहा कि अक्टूबर में हुई मूसलाधार बारिश से पहले ही धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। किसानों ने कहा कि ज्यादातर इलाके में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। केवल बारिश पर फसलें उगाने के लिए निर्भर हैं।
विज्ञापन
मौसम अनुकूल रहने पर पैदावार अच्छी हो जाती है। लेकिन बेमौसम बरसात और आंधी तूफान के साथ ओलावृष्टि से नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। पहले बर्बाद हुई धान की फसल का सरकार की ओर से आकलन किया गया था। लेकिन आज तक मुआवजा नहीं मिला है। इस संबंध में किसानों ने उप राज्यपाल से संज्ञान लेने की अपील की है।