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किसानों की समस्या पर गंभीर नहीं सरकार
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हीरानगर। मढ़ीन में किसानों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। गांधी जयंती पर किसानों ने बिजली बिल माफ करने और खराब हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग को लेकर यह धरना शुरू किया था।
इसका नेतृत्व कर रहे किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि आठ दिनों से धरना चल रहा है, लेकिन कोई भी बड़ा प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि बात करने नहीं आया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। इस इलाके में खोले गए खरीद केंद्रों पर फसल बेचने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। जो किसान अपनी मर्जी से पंजाब जाकर धान बेचना चाहते हैं उन्हें पुलिस परेशान कर रही है।
उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग किसानों को बिल न भरने पर पुलिस कार्रवाई की धमकियां दे रहा है। 2013 और 2020 में बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। अब भी अगर किसान संघर्ष न करे तो और क्या करे? उनके पास अब यही एकमात्र रास्ता बचा है। इन तमाम समस्याओं के समाधान के लिए यह संघर्ष शुरू किया है। जब तक समाधान नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा। धरने में मखनी वर्मा, कुलजीत कुमार, धर्मपाल कुंडल, आदि मौजूद रहे।
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इसका नेतृत्व कर रहे किसान नेता शिवदेव सिंह ने कहा कि आठ दिनों से धरना चल रहा है, लेकिन कोई भी बड़ा प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि बात करने नहीं आया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। इस इलाके में खोले गए खरीद केंद्रों पर फसल बेचने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। जो किसान अपनी मर्जी से पंजाब जाकर धान बेचना चाहते हैं उन्हें पुलिस परेशान कर रही है।
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उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग किसानों को बिल न भरने पर पुलिस कार्रवाई की धमकियां दे रहा है। 2013 और 2020 में बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। अब भी अगर किसान संघर्ष न करे तो और क्या करे? उनके पास अब यही एकमात्र रास्ता बचा है। इन तमाम समस्याओं के समाधान के लिए यह संघर्ष शुरू किया है। जब तक समाधान नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा। धरने में मखनी वर्मा, कुलजीत कुमार, धर्मपाल कुंडल, आदि मौजूद रहे।
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